भोपाल में असदुद्दीन ओवैसी का बीजेपी विधायक पर हमला, UCC को बताया विविधता खत्म करने की साजिश
भोपाल में असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा के 'मिसाइल' वाले बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। ओवैसी ने काजी कैंप में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इस बयान को लेकर चुनौती दी। इसके अलावा, उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC) का विरोध करते हुए इसे देश की विविधता को समाप्त करने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया है।
VIMARSHNAARAD TVभोपाल में एक जनसभा को संबोधित करते हुए एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा पर जमकर निशाना साधा। ओवैसी का यह हमला विधायक द्वारा दिए गए 'मिसाइल' संबंधी बयान के बाद आया है। उन्होंने काजी कैंप में अपने संबोधन के दौरान विधायक को सीधे चुनौती देते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की।
ओवैसी ने अपने भाषण में बीजेपी विधायक के बयानों को लेकर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने विधायक को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनमें साहस है तो वे सामने आकर बात करें। ओवैसी के इस बयान ने भोपाल की स्थानीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है।
इसके साथ ही, ओवैसी ने समान नागरिक संहिता (UCC) के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार और बीजेपी को घेरा। उन्होंने UCC को देश की सांस्कृतिक और धार्मिक विविधता को खत्म करने की एक गहरी साजिश बताया। ओवैसी का तर्क है कि भारत की खूबसूरती उसकी विविधता में है और इसे किसी एक कानून के जरिए मिटाने का प्रयास गलत है।
उन्होंने आरोप लगाया कि UCC के माध्यम से देश के विभिन्न समुदायों के व्यक्तिगत कानूनों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है, जो संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। ओवैसी ने कहा कि वे इस तरह के किसी भी कदम का पुरजोर विरोध करेंगे जो देश के धर्मनिरपेक्ष ढांचे को कमजोर करता हो।
ओवैसी के इस दौरे और उनके बयानों को आगामी राजनीतिक गतिविधियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने अपने समर्थकों से एकजुट रहने और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने का आह्वान किया।
बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा के बयान पर ओवैसी की यह प्रतिक्रिया राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। दोनों पक्षों के बीच चल रही इस बयानबाजी ने भोपाल में राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है।
ओवैसी ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी ऐसी नीति का समर्थन नहीं करेंगे जो देश के अल्पसंख्यकों के अधिकारों को सीमित करती हो। उन्होंने अपने संबोधन में संविधान की रक्षा करने और देश की एकता को बनाए रखने पर जोर दिया।