मंदाकिनी ने दाउद इब्राहिम के साथ वायरल तस्वीर पर तोड़ी चुप्पी, करियर पर पड़े असर को लेकर कही ये बात
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, अभिनेत्री मंदाकिनी ने दाउद इब्राहिम के साथ अपनी पुरानी वायरल तस्वीर को लेकर चल रहे विवाद पर सफाई दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें दाउद ने शारजाह में किसी क्रिकेट मैच के लिए आमंत्रित नहीं किया था। मंदाकिनी ने स्वीकार किया कि उस विवादित तस्वीर के कारण उनके करियर को काफी नुकसान पहुंचा था।
VIMARSHNAARAD TVफिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' से बॉलीवुड में धमाकेदार शुरुआत करने वाली अभिनेत्री मंदाकिनी ने लंबे समय बाद अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम के साथ अपनी तस्वीर के विवाद पर बात की है। एक इंटरव्यू में उन्होंने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया कि वे दाउद के निमंत्रण पर शारजाह में क्रिकेट मैच देखने गई थीं।
मंदाकिनी ने बताया कि उस समय की वायरल तस्वीर ने उनके निजी और पेशेवर जीवन पर गहरा असर डाला था। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर गलत धारणाएं बना लेते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि उनका उस घटना से कोई लेना-देना नहीं था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वे केवल एक सार्वजनिक स्थान पर मौजूद थीं।
अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, अभिनेत्री ने माना कि उस तस्वीर के सामने आने के बाद उनके करियर की दिशा बदल गई। उस समय मीडिया और जनता के बीच फैली नकारात्मक चर्चाओं ने उनके काम को प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि उस विवाद ने उनके करियर को बहुत नुकसान पहुंचाया, जिससे उबरना उनके लिए आसान नहीं था।
मंदाकिनी ने कहा कि वे उस दौर की बातों को पीछे छोड़ चुकी हैं, लेकिन सच्चाई स्पष्ट करना जरूरी था। उन्होंने बताया कि उस समय की परिस्थितियां ऐसी थीं कि किसी भी स्पष्टीकरण का असर नहीं हो रहा था। उन्होंने अब जाकर इस विषय पर खुलकर बात की है ताकि पुरानी गलतफहमियां दूर हो सकें।
अभिनेत्री ने यह भी कहा कि एक कलाकार के रूप में उन्हें हमेशा अपने काम के लिए पहचाना जाना चाहिए, न कि किसी विवादित तस्वीर के लिए। उन्होंने अपने प्रशंसकों से अपील की कि वे उनके अभिनय और योगदान को याद रखें।
इस विवाद ने दशकों तक मंदाकिनी के नाम के साथ एक नकारात्मक छवि जोड़ दी थी। हालांकि, उन्होंने हमेशा इन आरोपों का खंडन किया है। अब इतने वर्षों बाद, उन्होंने एक बार फिर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए उन दावों को पूरी तरह से निराधार बताया है।
मंदाकिनी का यह बयान उनके प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग उनके साहस की सराहना कर रहे हैं कि उन्होंने इतने वर्षों बाद इस संवेदनशील मुद्दे पर चुप्पी तोड़ी है।