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मणिपुर में जनगणना और परिसीमन से पहले एनआरसी अपडेट करने की मांग, त्रिपक्षीय वार्ता पर जोर

मणिपुर में मेईती और नगा संगठनों ने आगामी जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया से पहले राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को अपडेट करने की मांग की है। इस मुद्दे पर चर्चा के लिए विभिन्न संगठनों ने त्रिपक्षीय वार्ता की आवश्यकता पर जोर दिया है।

मणिपुर में जनगणना और परिसीमन की आगामी कवायद को लेकर विभिन्न संगठनों ने अपनी मांगें तेज कर दी हैं। मेईती और नगा संगठनों ने सरकार से मांग की है कि जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया शुरू करने से पहले राज्य में एनआरसी (NRC) को अपडेट किया जाना चाहिए।

इन संगठनों का मानना है कि एनआरसी को अपडेट करने से राज्य की जनसांख्यिकीय स्थिति स्पष्ट होगी, जो परिसीमन के लिए आवश्यक है। इस मांग को लेकर विभिन्न पक्षों के बीच चर्चा का दौर जारी है।

रिपोर्टों के अनुसार, इस संवेदनशील मुद्दे पर समाधान खोजने के लिए एक त्रिपक्षीय वार्ता की मांग की गई है। इसमें राज्य सरकार, केंद्र सरकार और संबंधित संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल करने का प्रस्ताव है।

मणिपुर में जनसांख्यिकीय बदलाव और नागरिकता से जुड़े मुद्दे लंबे समय से चर्चा का विषय रहे हैं। संगठनों का तर्क है कि बिना एनआरसी अपडेट किए जनगणना और परिसीमन से भविष्य में जटिलताएं पैदा हो सकती हैं।

विभिन्न संगठनों ने इस संबंध में अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं और सरकार से इस पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि राज्य की सुरक्षा और पहचान के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य है।

त्रिपक्षीय वार्ता की मांग इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है। इससे सभी संबंधित पक्षों को अपनी बात रखने का मंच मिलेगा और एक सर्वसम्मत समाधान तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

सरकार की ओर से अभी तक इस मांग पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन इस विषय पर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। मणिपुर के विभिन्न समुदायों के बीच इस मुद्दे पर आम सहमति बनाने की कोशिशें जारी हैं।

आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इन संगठनों की मांगों पर क्या रुख अपनाती है और क्या त्रिपक्षीय वार्ता का आयोजन किया जाता है। राज्य में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए इस मुद्दे का समाधान आवश्यक माना जा रहा है।

स्रोत

मूल संदर्भ

01ETV Bharatमूल रिपोर्ट देखें ↗02ThePrint Hindiमूल रिपोर्ट देखें ↗03Hindustanमूल रिपोर्ट देखें ↗