मथुरा के बरसाना में राधाष्टमी की धूम, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से गूंजी राधे-राधे की गूंज
मथुरा के बरसाना में राधाष्टमी 2026 के अवसर पर भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। लाडो के जन्मोत्सव की खुशी में पूरा भानु भवन बधाई गीतों से गुंजायमान हो गया। नंदगांव से आए समाजियों ने जब जन्म के पद गाए, तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। सड़कों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई और हर तरफ राधे-राधे का जयघोष सुनाई दे रहा था।
VIMARSHNAARAD TVमथुरा के बरसाना में राधाष्टमी का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2026 में लाडो के जन्म की मंगल बेला पर बरसाना में अद्भुत छटा देखने को मिली। भानु भवन में बधाइयों का सिलसिला शुरू हुआ, जिससे पूरा क्षेत्र भक्ति के रंगों में सराबोर हो गया।
इस अवसर पर नंदगांव से आए समाजियों ने राधा जन्म के पदों का गायन किया। इन पदों की मधुर ध्वनि ने वातावरण को पूरी तरह से भक्तिरस से भर दिया। श्रद्धालु इस अलौकिक दृश्य को देखने के लिए बड़ी संख्या में एकत्रित हुए थे।
बरसाना की सड़कों पर भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा। हर तरफ केवल 'राधे-राधे' की गूंज सुनाई दे रही थी। भक्तों की आस्था और उत्साह देखते ही बन रहा था, जिससे पूरा कस्बा उत्सव के रंग में डूबा नजर आया।
राधाष्टमी का यह पर्व बरसाना के लिए विशेष महत्व रखता है। लाडो के जन्मोत्सव को लेकर स्थानीय लोगों और बाहर से आए श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया। भानु भवन में बधाई गीतों के साथ उत्सव का आनंद लिया गया।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण सड़कों पर पैर रखने की जगह नहीं थी, लेकिन सभी के मन में केवल भक्ति का भाव था। प्रशासन और स्थानीय लोगों ने इस भीड़ को नियंत्रित करने के लिए व्यवस्थाएं की थीं।
भक्ति और संगीत के इस संगम ने बरसाना की छटा को और भी सुंदर बना दिया। राधा जन्म के पदों की गूंज ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह दिन बरसाना के इतिहास में एक और यादगार पल के रूप में दर्ज हो गया।
पूरे दिन चले इस उत्सव में भक्तों ने अपनी श्रद्धा अर्पित की। बरसाना की गलियों में गूंजते राधे-राधे के स्वर इस बात के गवाह थे कि राधा रानी के प्रति भक्तों का प्रेम कितना गहरा है।