मथुरा में जन्माष्टमी की तैयारियों के बीच खुले बिजली पैनल बने खतरा, श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर सवाल
मथुरा में आगामी जन्माष्टमी के अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, लेकिन शहर के प्रमुख मार्गों पर खुले विद्युत पैनल सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, इन पैनलों में दौड़ता करंट किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता दे सकता है, जिससे प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं।
VIMARSHNAARAD TVजन्माष्टमी का त्योहार मथुरा में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है, जिसके लिए प्रशासन और स्थानीय निकाय व्यापक तैयारियां कर रहे हैं। इस वर्ष भी देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। हालांकि, उत्सव से पहले ही शहर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएं सामने आने लगी हैं। प्रमुख मार्गों पर लगे खुले विद्युत पैनल श्रद्धालुओं के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, शहर के कई व्यस्त रास्तों पर बिजली के पैनल बॉक्स खुले पड़े हैं। इन बॉक्सों के भीतर से गुजर रहे तारों में करंट दौड़ रहा है, जो राहगीरों के लिए बेहद खतरनाक है। जन्माष्टमी के दौरान इन रास्तों पर भारी भीड़ होती है, जिससे किसी भी अनहोनी की आशंका बढ़ जाती है।
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने इन खुले पैनलों को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इन बॉक्सों को कवर नहीं किया गया, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। भीड़भाड़ के समय किसी का भी हाथ या शरीर का कोई हिस्सा इन खुले तारों के संपर्क में आ सकता है, जो घातक हो सकता है।
प्रशासन की ओर से अभी तक इन खुले पैनलों को दुरुस्त करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। जन्माष्टमी के आयोजन में अब बहुत कम समय बचा है, ऐसे में इन सुरक्षा खामियों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
मथुरा के प्रमुख मार्गों पर इस तरह की लापरवाही न केवल सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है, बल्कि यह आने वाले भक्तों के लिए एक बड़ा खतरा भी है। प्रशासन को चाहिए कि वह तुरंत प्रभाव से इन विद्युत पैनलों को सुरक्षित करे ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना को रोका जा सके।
त्योहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन अक्सर बड़े-बड़े दावे करता है, लेकिन जमीनी हकीकत इन खुले तारों के रूप में सामने है। यदि इन खामियों को जल्द ठीक नहीं किया गया, तो उत्सव के दौरान कोई भी अप्रिय घटना प्रशासन की तैयारियों पर सवालिया निशान लगा सकती है।
उम्मीद है कि संबंधित विभाग इस रिपोर्ट का संज्ञान लेगा और जन्माष्टमी से पहले इन बिजली के पैनलों को सुरक्षित तरीके से बंद कर दिया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसके साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।