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मथुरा: संत प्रेमानंद के शिष्य की मौत के बाद केलिकुंज आश्रम में बदले नियम

मथुरा स्थित संत प्रेमानंद के केलिकुंज आश्रम में एक शिष्य की मृत्यु के बाद सुरक्षा और अनुशासन के नियमों में बदलाव किया गया है। संवाद न्यूज एजेंसी के अनुसार, शिष्य रसिक दुलारीशरण के निधन के बाद आश्रम प्रशासन ने कुछ गतिविधियों पर पाबंदी लगा दी है। आश्रम में अब सख्ती बढ़ा दी गई है और नए नियमों का पालन अनिवार्य कर दिया गया है।

मथुरा के केलिकुंज आश्रम में हाल ही में एक दुखद घटना के बाद नियमों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। संत प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारीशरण के निधन के बाद आश्रम प्रबंधन ने परिसर में अनुशासन और सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाए हैं। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, आश्रम में अब पहले की तुलना में अधिक सख्ती बरती जा रही है।

आश्रम प्रशासन ने कुछ विशिष्ट कार्यों पर पाबंदी लगा दी है ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अप्रिय घटना को रोका जा सके। हालांकि, इन नए नियमों का मुख्य उद्देश्य आश्रम की शांति और मर्यादा को बनाए रखना बताया गया है। श्रद्धालुओं और आगंतुकों को अब इन नए दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करना होगा।

शिष्य की मृत्यु के बाद आश्रम में शोक का माहौल है, लेकिन साथ ही प्रशासन ने व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए तत्काल प्रभाव से नए अपडेट जारी किए हैं। आश्रम से जुड़े सूत्रों का कहना है कि ये बदलाव सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत आवश्यक थे।

आश्रम में आने वाले भक्तों के लिए भी कुछ नए नियम लागू किए गए हैं। अब परिसर के भीतर किसी भी प्रकार की अनधिकृत गतिविधि की अनुमति नहीं होगी। आश्रम प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

केलिकुंज आश्रम अपनी आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है, और इन नए नियमों का उद्देश्य आश्रम के वातावरण को और अधिक अनुशासित बनाना है। स्थानीय प्रशासन भी आश्रम की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी प्रकार की समस्या न हो।

आश्रम के इन नए नियमों के बारे में जानकारी देते हुए प्रबंधन ने सभी से सहयोग की अपील की है। भक्तों को सलाह दी गई है कि वे आश्रम के नियमों का सम्मान करें और वहां की मर्यादा बनाए रखने में अपना योगदान दें।

स्रोत

मूल संदर्भ

01संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरामूल रिपोर्ट देखें ↗