ताज़ा अपडेटमध्य प्रदेश में फर्जी आईएएस और आईपीएस बनकर ठगी करने वाले तीन आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
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मध्य प्रदेश में फर्जी आईएएस और आईपीएस बनकर ठगी करने वाले तीन आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

मध्य प्रदेश के भोपाल और इंदौर शहरों से फर्जी अधिकारी बनकर लोगों को धोखा देने के तीन मामले सामने आए हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तृप्ति सिंह, हिमांशु पांचाल और ऋषि यादव नाम के व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी खुद को आईएएस और आईपीएस अधिकारी बताकर लोगों पर रौब जमाते थे और नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र भी बांटते थे।

मध्य प्रदेश के दो प्रमुख शहरों भोपाल और इंदौर में प्रशासन को चकमा देने वाले तीन जालसाजों का पर्दाफाश हुआ है। एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, ये आरोपी खुद को वरिष्ठ सरकारी अधिकारी बताकर लंबे समय से लोगों को ठग रहे थे। पुलिस ने इन तीनों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

पकड़े गए आरोपियों में तृप्ति सिंह शामिल हैं, जो खुद को फर्जी आईएएस अधिकारी बताकर लोगों को प्रभावित करती थीं। इसके अलावा, हिमांशु पांचाल नाम के एक व्यक्ति को नकली जिला कलेक्टर के रूप में काम करते हुए पकड़ा गया है। वहीं, ऋषि यादव नाम के एक अन्य आरोपी ने खुद को फर्जी आईपीएस अधिकारी के रूप में पेश किया था।

इन जालसाजों का काम करने का तरीका बेहद शातिर था। ये लोग न केवल सरकारी अधिकारियों जैसा रौब जमाते थे, बल्कि आम जनता को नौकरी का लालच देकर उनसे ठगी भी करते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि इन लोगों ने कई लोगों को फर्जी जॉइनिंग लेटर भी बांटे थे, जिससे वे लोगों का भरोसा जीत सकें।

पुलिस ने इन तीनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि इन लोगों ने सरकारी तंत्र की छवि खराब करने की कोशिश की है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन लोगों ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल हो सकता है।

इस घटना के बाद से स्थानीय प्रशासन सतर्क हो गया है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा न करें जो खुद को सरकारी अधिकारी बताकर अनुचित लाभ या नौकरी का वादा करे। किसी भी संदेह की स्थिति में तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में संपर्क करने की सलाह दी गई है।

इन आरोपियों के पास से बरामद दस्तावेजों और अन्य सबूतों की गहन जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि इन गिरफ्तारियों से फर्जी अधिकारियों के इस नेटवर्क का बड़ा खुलासा हो सकता है। मामले की आगे की जांच जारी है और जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट सामने आने की उम्मीद है।

स्रोत

मूल संदर्भ

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