महाराष्ट्र के जामनेर में कोका-कोला प्रोजेक्ट पर विवाद, 1,200 करोड़ के निवेश पर उठे सवाल
महाराष्ट्र के जलगांव जिले की जामनेर एमआईडीसी में हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेस द्वारा प्रस्तावित बॉटलिंग प्लांट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस प्रोजेक्ट में 1,200 करोड़ रुपये का निवेश किया जाना है और इसके लिए 50 लाख लीटर पानी की आवश्यकता होगी। स्थानीय पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने इस भारी जल खपत और परियोजना के पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त की हैं।
VIMARSHNAARAD TVमहाराष्ट्र के जलगांव जिले में स्थित जामनेर एमआईडीसी में हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेस का एक नया बॉटलिंग प्लांट स्थापित करने की योजना है। इस परियोजना के तहत कंपनी 1,200 करोड़ रुपये का भारी निवेश करने की तैयारी में है। हालांकि, इस प्रस्तावित प्लांट के साथ ही विवादों का सिलसिला भी शुरू हो गया है।
विवाद का मुख्य कारण इस प्लांट के लिए आवश्यक पानी की भारी मात्रा है। रिपोर्टों के अनुसार, इस बॉटलिंग प्लांट को चलाने के लिए प्रतिदिन 50 लाख लीटर पानी की आवश्यकता होगी। स्थानीय स्तर पर पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने इस पर कड़ा विरोध जताया है।
कार्यकर्ताओं का तर्क है कि क्षेत्र में पहले से ही जल संसाधनों की कमी है। ऐसे में इतनी बड़ी मात्रा में पानी का उपयोग करना स्थानीय निवासियों और कृषि के लिए संकट पैदा कर सकता है। उन्होंने परियोजना के पर्यावरणीय प्रभावों का विस्तृत अध्ययन करने की मांग की है।
बीबीसी हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला अब स्थानीय स्तर पर एक बड़ा मुद्दा बन गया है। पर्यावरणविदों का कहना है कि औद्योगिक विकास के नाम पर प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन नहीं किया जाना चाहिए।
कंपनी की ओर से अभी तक इस विवाद पर कोई विस्तृत स्पष्टीकरण नहीं आया है, लेकिन परियोजना को लेकर स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष बढ़ता जा रहा है।
जामनेर एमआईडीसी में इस निवेश से रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद थी, लेकिन पानी की खपत को लेकर उठे सवालों ने इस विकास कार्य पर ग्रहण लगा दिया है।
आने वाले समय में यह देखना होगा कि प्रशासन और कंपनी किस तरह से इन पर्यावरणीय चिंताओं का समाधान करते हैं। फिलहाल, स्थानीय स्तर पर इस प्रोजेक्ट को लेकर विरोध के स्वर तेज होते जा रहे हैं।