मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू ने भारत के साथ संबंधों में बदलाव के संकेत दिए
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने भारत के साथ अपने देश के संबंधों को लेकर रुख में बदलाव दिखाया है। कभी 'इंडिया आउट' का नारा देकर सत्ता में आने वाले मुइज्जू ने अब मालदीव के बुनियादी ढांचे के विकास में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए दोनों देशों के बीच मित्रता के नए अध्याय की बात कही है।
VIMARSHNAARAD TVमालदीव की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। आज तक की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने भारत के प्रति अपने दृष्टिकोण में नरमी दिखाई है। मुइज्जू, जिन्होंने अपने चुनावी अभियान के दौरान 'इंडिया आउट' का नारा दिया था, अब भारत के साथ सहयोग को लेकर सकारात्मक रुख अपना रहे हैं।
राष्ट्रपति मुइज्जू ने मालदीव के बुनियादी ढांचे के विकास में भारत के योगदान को स्वीकार किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि मालदीव के विकास कार्यों में भारत की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। यह बयान उनके पिछले राजनीतिक रुख से काफी अलग माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मुइज्जू का यह रुख मालदीव की आर्थिक और विकास संबंधी जरूरतों को दर्शाता है। मालदीव के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में भारत की भागीदारी ने दोनों देशों के बीच एक 'मित्रता का पुल' बनाने का काम किया है। राष्ट्रपति ने अब भारत के साथ संबंधों को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।
यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब मालदीव को अपने विकास लक्ष्यों को पूरा करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता है। भारत, जो मालदीव का एक प्रमुख पड़ोसी और सहयोगी है, ने हमेशा से वहां की परियोजनाओं में सक्रिय भूमिका निभाई है। मुइज्जू का यह आभार व्यक्त करना दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों में सुधार का संकेत है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मुइज्जू का यह रुख मालदीव की विदेश नीति में एक व्यावहारिक बदलाव को दर्शाता है। सत्ता में आने के बाद से ही वे देश की आर्थिक स्थिति को सुधारने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, और इस प्रक्रिया में भारत का सहयोग उनके लिए काफी मायने रखता है।
दोनों देशों के बीच इस नई समझ से भविष्य में द्विपक्षीय सहयोग के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है। राष्ट्रपति मुइज्जू के इस बयान को भारत के साथ संबंधों को फिर से पटरी पर लाने की एक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।