मुंबई में निर्माण श्रमिकों के कल्याण पर राष्ट्रीय सम्मेलन, डॉ. मनसुख मांडविया ने की अध्यक्षता
केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने मुंबई में निर्माण श्रमिकों के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने श्रमिकों के लिए डिजिटल पहल और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसरों को बढ़ाने पर जोर दिया।
VIMARSHNAARAD TVकेंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने मुंबई में भवन और अन्य निर्माण श्रमिकों (बीओसीडब्ल्यू) पर आयोजित एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सम्मेलन की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि श्रम शक्ति राष्ट्र के विकास की आधारशिला है और श्रमिकों का कल्याण सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। सम्मेलन में राज्यों के बीच बेहतरीन कार्यप्रणालियों को साझा करने और उपकर निधि के प्रभावी उपयोग पर चर्चा की गई।
डॉ. मांडविया ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय श्रमिकों की आवाजाही को बढ़ावा देने का आह्वान किया ताकि वे वैश्विक अवसरों का लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि इसके लिए एक व्यापक मंच और डिजिटल बुनियादी ढांचे की आवश्यकता है। राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने भी श्रमिकों की सुरक्षा, सम्मानजनक कामकाजी परिस्थितियों और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के महत्व पर बल दिया।
सम्मेलन के दौरान कई राज्यों ने अपनी डिजिटल पहल प्रस्तुत की। छत्तीसगढ़, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों ने डिजिटल लेबर चौक और ऑनलाइन उपकर संग्रह पोर्टल जैसी प्रणालियों का प्रदर्शन किया। इन पहलों का उद्देश्य श्रमिकों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आसानी से पहुंचाना है।
श्रम सचिव डॉ. चंद्र भूषण कुमार ने बताया कि देश में सात करोड़ से अधिक निर्माण श्रमिक हैं और उनके कल्याण के लिए पर्याप्त उपकर निधि उपलब्ध है। उन्होंने काम की गरिमा को केंद्र में रखकर एक समग्र कल्याण मॉडल विकसित करने की आवश्यकता जताई।
सम्मेलन में निर्माण क्षेत्र में सुरक्षा मानकों और महिला श्रमिकों के लिए क्रेच जैसी बुनियादी सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया। डॉ. मांडविया ने राज्यों से श्रम संहिताओं के प्रभाव का आकलन करने और श्रमिकों के दीर्घकालिक लाभ के लिए नए तरीके तलाशने का आग्रह किया। यह सम्मेलन आगे भी जारी रहेगा, जिसमें कौशल विकास और रोजगार जैसे विषयों पर चर्चा होगी।