मुजफ्फरनगर: बेटे की मौत के एक महीने बाद ही सास ने कराई बहू की शादी, देवर ने किया कन्यादान
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक मानवीय मिसाल देखने को मिली है। खतौली कस्बे में एक सास ने अपने बेटे की मृत्यु के एक महीने बाद ही अपनी बहू की दूसरी शादी करा दी। सास सुनीता ने बहू मीनाक्षी को अपनी बेटी मानकर राजस्थान के एक युवक के साथ उसका विवाह संपन्न कराया। इस दौरान देवर ने बहन का फर्ज निभाते हुए कन्यादान की रस्म पूरी की।
VIMARSHNAARAD TVमुजफ्फरनगर के खतौली कस्बे से एक भावुक और प्रेरणादायक खबर सामने आई है। दयालपुरम निवासी रोहित की मृत्यु 15 अगस्त को हो गई थी। इस दुखद घटना के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया था, लेकिन रोहित की मां सुनीता ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने अपनी बहू मीनाक्षी के भविष्य को सुरक्षित करने का फैसला किया।
रोहित की मृत्यु के महज एक महीने बाद ही सास सुनीता ने मीनाक्षी की शादी के लिए प्रयास शुरू कर दिए। उन्होंने राजस्थान के एक युवक के साथ मीनाक्षी का रिश्ता तय किया। सुनीता ने न केवल इस शादी का समर्थन किया, बल्कि खुद आगे बढ़कर सारी व्यवस्थाएं भी कीं।
शादी के दौरान सुनीता ने मीनाक्षी को अपनी बहू नहीं, बल्कि अपनी बेटी माना। उन्होंने एक मां की तरह अपनी बहू की विदाई की रस्मों को पूरा किया। इस दौरान परिवार के अन्य सदस्यों ने भी उनका पूरा साथ दिया।
शादी की रस्मों में देवर ने भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उसने अपनी भाभी को बहन मानकर कन्यादान की रस्म पूरी की। यह दृश्य वहां मौजूद सभी लोगों के लिए भावुक कर देने वाला था। समाज में एक नई मिसाल पेश करते हुए इस परिवार ने संकीर्ण सोच को पीछे छोड़ दिया है।
मीनाक्षी की दो बेटियां भी हैं। शादी के बाद भी ये दोनों बेटियां अपनी दादी सुनीता के पास ही रहेंगी। सुनीता ने इन बच्चियों की जिम्मेदारी खुद उठाने का निर्णय लिया है ताकि मीनाक्षी अपने नए जीवन की शुरुआत बिना किसी चिंता के कर सके।
स्थानीय लोगों ने सुनीता के इस कदम की जमकर सराहना की है। उनका कहना है कि आज के दौर में ऐसी सोच बहुत कम देखने को मिलती है। एक सास का अपनी बहू के प्रति ऐसा प्रेम और समर्थन समाज के लिए एक बड़ा संदेश है।
यह घटना न केवल एक परिवार की कहानी है, बल्कि यह समाज में विधवा पुनर्विवाह के प्रति बदलती सोच का भी प्रतीक है। सुनीता ने साबित कर दिया कि रिश्तों की डोर प्यार और समझदारी से बंधी होती है।
शादी के बाद मीनाक्षी ने भी अपनी सास के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी सास के रूप में एक मां का साथ मिला है। यह पूरा घटनाक्रम खतौली कस्बे में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इस परिवार की दरियादिली की तारीफ कर रहे हैं।