ताज़ा अपडेटमुजफ्फरनगर महापंचायत में राकेश टिकैत का भाजपा पर हमला, कहा- मस्जिद गिराना सरकार की मुख्य खुराक
Vimarsh Naarad TV logoस्वतंत्र डिजिटल न्यूज़Vimarsh–Naarad TVखबर • विमर्श • जनता की आवाज़
डिजिटल संस्करणYouTube
समाचार श्रेणियां

मुजफ्फरनगर महापंचायत में राकेश टिकैत का भाजपा पर हमला, कहा- मस्जिद गिराना सरकार की मुख्य खुराक

मुजफ्फरनगर के राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में भारतीय किसान यूनियन ने एक महापंचायत बुलाई। इस दौरान राकेश टिकैत ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मस्जिदें गिराना उनकी राजनीति का हिस्सा है। उन्होंने रामपुर यूनिवर्सिटी को सुरक्षित रखने का संकल्प भी दोहराया। महापंचायत में किसानों की विभिन्न मांगों पर चर्चा की गई और सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने की घटना का कड़ा विरोध दर्ज कराया गया।

मुजफ्फरनगर के राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में भारतीय किसान यूनियन द्वारा आयोजित महापंचायत में राकेश टिकैत ने सरकार की नीतियों पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपनी राजनीति को जीवित रखने के लिए मस्जिदों को निशाना बनाती है। टिकैत के अनुसार, यह सरकार की कार्यप्रणाली का एक मुख्य हिस्सा बन चुका है।

इस सभा के दौरान सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। किसान नेताओं ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे गलत बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस तरह की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं करेंगे और इसके खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाएंगे।

रामपुर की यूनिवर्सिटी का जिक्र करते हुए टिकैत ने कहा कि इसे किसी भी कीमत पर तोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि वे इस संस्थान की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह मुद्दा महापंचायत में चर्चा का एक मुख्य केंद्र रहा।

महापंचायत में किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर भी मंथन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार को किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करना चाहिए। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर आगे की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया।

राकेश टिकैत ने कहा कि किसान अपनी जमीन और अधिकारों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह जनभावनाओं का सम्मान करे और विवादित फैसलों से बचे।

इस आयोजन में बड़ी संख्या में किसान और समर्थक शामिल हुए। महापंचायत का माहौल काफी गंभीर था और वक्ताओं ने सरकार की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार किया।

अंत में, किसान नेताओं ने अपनी एकता का प्रदर्शन करते हुए भविष्य में और बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

स्रोत

मूल संदर्भ

01अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगरमूल रिपोर्ट देखें ↗