मुजफ्फरनगर में दर्दनाक सड़क हादसा: रोडवेज बस की चपेट में आने से पांच लोगों की मौत
मुजफ्फरनगर के बड़ौत मार्ग पर भैसाना गांव के पास एक भीषण सड़क दुर्घटना में पांच लोगों की जान चली गई। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, एक रोडवेज बस ने ओवरटेक करने के प्रयास में दो मोटरसाइकिलों को टक्कर मार दी। मृतकों में बागपत के फरमान, उनकी तीन साल की बेटी सुहाना और बुढ़ाना के मोमीन शामिल हैं, जबकि कांधला के दो चचेरे भाई भी हादसे का शिकार हुए।
VIMARSHNAARAD TVमुजफ्फरनगर जिले में एक दुखद सड़क हादसे ने पांच परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। बड़ौत मार्ग पर भैसाना गांव के निकट हुई इस दुर्घटना में दो मोटरसाइकिलों पर सवार पांच लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब एक रोडवेज बस चालक ने लापरवाही से वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश की।
अमर उजाला नेटवर्क की रिपोर्ट के अनुसार, बस की चपेट में आने से बागपत निवासी फरमान, उनकी तीन साल की मासूम बेटी सुहाना और बुढ़ाना के रहने वाले उनके बहनोई मोमीन की जान चली गई। दुर्घटना में जान गंवाने वालों में शामली के कांधला निवासी दो चचेरे भाई साजिद और इदरीश भी शामिल थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जोरदार थी कि मोटरसाइकिल सवार संभलने का मौका भी नहीं पा सके। बस की गति अधिक होने के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया और दो बाइकों को रौंदते हुए निकल गया। घटना के बाद बड़ौत रोड का दृश्य बेहद भयावह हो गया था।
स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और राहत कार्य शुरू किया। मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और बस चालक की तलाश की जा रही है।
इस हृदयविदारक घटना के बाद से ही क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। एक ही झटके में पांच लोगों की मौत ने स्थानीय निवासियों को झकझोर कर रख दिया है। प्रशासन ने पीड़ितों के परिजनों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।
सड़क सुरक्षा के नियमों की अनदेखी और तेज रफ्तार अक्सर ऐसे हादसों का कारण बनती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मार्ग पर यातायात नियंत्रण और सख्त निगरानी की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
पुलिस के अनुसार, दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। बस के चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह हादसा एक बार फिर से सड़कों पर बढ़ती लापरवाही और असुरक्षा की ओर इशारा करता है।