ताज़ा अपडेटमुरादाबाद: महिला पर हमले के बाद कांठ में वन विभाग के पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ
Vimarsh Naarad TV logoस्वतंत्र डिजिटल न्यूज़Vimarsh–Naarad TVखबर • विमर्श • जनता की आवाज़
डिजिटल संस्करणYouTube
समाचार श्रेणियां

मुरादाबाद: महिला पर हमले के बाद कांठ में वन विभाग के पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के कांठ क्षेत्र में वन विभाग ने एक तेंदुए को पिंजरे में कैद कर लिया है। यह घटना भरतपुर गांव की है, जहां 36 घंटे पहले तेंदुए ने एक महिला को घायल कर दिया था। वन विभाग के अनुसार, इस क्षेत्र में अब तक कुल 16 तेंदुए पकड़े जा चुके हैं।

मुरादाबाद जिले के कांठ तहसील अंतर्गत आने वाले भरतपुर गांव में वन विभाग को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में एक तेंदुआ फंस गया है। यह कार्रवाई उस घटना के 36 घंटे बाद की गई है, जिसमें तेंदुए ने एक स्थानीय महिला पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, तेंदुए के पकड़े जाने के बाद गांव में राहत की सांस ली गई है। वन विभाग की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर तेंदुए को अपने कब्जे में ले लिया। पकड़े गए तेंदुए का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है, ताकि उसकी स्थिति का आकलन किया जा सके।

संवाद न्यूज एजेंसी के अनुसार, इस क्षेत्र में तेंदुओं का आतंक काफी समय से बना हुआ है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कांठ इलाके में अब तक कुल 16 तेंदुओं को पकड़ा जा चुका है। यह संख्या क्षेत्र में तेंदुओं की बढ़ती सक्रियता को दर्शाती है।

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तेंदुओं की पहचान करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। अक्सर एक जैसे दिखने वाले तेंदुओं के कारण यह स्पष्ट करना मुश्किल हो जाता है कि किस तेंदुए ने हमला किया है। हालांकि, विभाग लगातार निगरानी बनाए हुए है ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

घटना के बाद से ही गांव में दहशत का माहौल था। महिला पर हुए हमले के बाद से ग्रामीण डरे हुए थे और वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने की मांग कर रहे थे। पिंजरे में तेंदुए के कैद होने के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन के प्रति संतोष व्यक्त किया है।

वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकारियों ने कहा है कि जंगल के पास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और अकेले बाहर निकलने से बचना चाहिए। विभाग की टीमें क्षेत्र में गश्त बढ़ा रही हैं ताकि किसी भी अनहोनी को रोका जा सके।

यह पूरी कार्रवाई वन विभाग की मुस्तैदी का परिणाम है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए और भी पिंजरे लगाए जा सकते हैं।

स्रोत

मूल संदर्भ

01संवाद न्यूज एजेंसी, कांठ (मुरादाबाद)मूल रिपोर्ट देखें ↗