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मेटा के प्लेटफॉर्म पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े विज्ञापनों का प्रसार: रिपोर्ट

बीबीसी हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, मेटा पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े विज्ञापन चलाए जा रहे हैं। एक अमेरिकी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कंपनी ने पैसे लेकर ऐसे सैकड़ों विज्ञापन दिखाए हैं, जिनमें एआई द्वारा निर्मित बच्चों के यौन शोषण के वीडियो और तस्वीरें शामिल हैं। पिछले 10 महीनों में दर्जनों ऐसे विज्ञापन भारत में भी देखे गए हैं।

बीबीसी हिंदी की एक रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया दिग्गज मेटा एक बार फिर विवादों में है। एक नई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि मेटा के प्लेटफॉर्म पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े विज्ञापन प्रसारित किए जा रहे हैं। यह रिपोर्ट टेक कंपनियों की जवाबदेही और पारदर्शिता पर काम करने वाले अमेरिकी कार्यकर्ताओं द्वारा तैयार की गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, मेटा ने पैसे लेकर सैकड़ों ऐसे विज्ञापन चलाए हैं, जिनमें आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करके बनाई गई बच्चों के यौन शोषण की तस्वीरें और वीडियो शामिल हैं। यह गंभीर मामला टेक प्लेटफॉर्म्स की सुरक्षा नीतियों पर बड़े सवाल खड़े करता है।

कार्यकर्ताओं की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले 10 महीनों के दौरान इन विज्ञापनों का प्रसार बड़े पैमाने पर हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, इन विज्ञापनों में से दर्जनों विज्ञापन विशेष रूप से भारत में चलाए गए हैं, जो चिंता का विषय है।

यह पहली बार नहीं है जब मेटा को अपने प्लेटफॉर्म पर हानिकारक सामग्री को लेकर आलोचना का सामना करना पड़ा है। हालांकि, इस बार एआई तकनीक का उपयोग करके बच्चों को निशाना बनाना एक नई और खतरनाक प्रवृत्ति को दर्शाता है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मेटा की विज्ञापन समीक्षा प्रक्रिया इन आपत्तिजनक सामग्रियों को रोकने में विफल रही है। टेक कंपनियों की पारदर्शिता और जवाबदेही पर काम करने वाले इन कार्यकर्ताओं ने मेटा से तुरंत कड़े कदम उठाने की मांग की है।

इस मामले पर मेटा की ओर से अभी तक कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर वैश्विक बहस को और तेज कर रही है। भारत में भी इस तरह के विज्ञापनों का चलना स्थानीय नियामकों के लिए एक बड़ी चुनौती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि एआई के बढ़ते प्रभाव के साथ इस तरह के अपराधों को रोकना और भी कठिन हो गया है। मेटा जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स को अपनी एल्गोरिदम और विज्ञापन नीतियों में सुधार करने की तत्काल आवश्यकता है ताकि बच्चों को ऑनलाइन शोषण से बचाया जा सके।

स्रोत

मूल संदर्भ

01BBC News हिंदीमूल रिपोर्ट देखें ↗