मेरठ के पल्लवपुरम में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से क्लोरीन गैस का रिसाव, 15 लोग अस्पताल में भर्ती
मेरठ की आकांक्षा एंबिएंस कॉलोनी के समीप स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से मंगलवार शाम क्लोरीन गैस लीक होने से इलाके में हड़कंप मच गया। गैस के असर से लोगों को सांस लेने में भारी दिक्कत हुई, जिसके बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, प्रभावित हुए 15 लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुछ निवासी घरों में फंस गए, जबकि अन्य सुरक्षित स्थानों पर चले गए।
VIMARSHNAARAD TVउत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में मंगलवार की शाम एक गंभीर घटना सामने आई, जहां पल्लवपुरम स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से अचानक क्लोरीन गैस का रिसाव शुरू हो गया। यह प्लांट आकांक्षा एंबिएंस कॉलोनी के पास स्थित है, जिससे वहां रहने वाले स्थानीय निवासियों के लिए स्थिति अचानक चुनौतीपूर्ण हो गई।
अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, गैस के रिसाव के कारण हवा में जहरीले तत्व घुल गए, जिससे लोगों को सांस लेने में भारी कठिनाई महसूस होने लगी। देखते ही देखते इलाके में अफरा-तफरी और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।
गैस का असर इतना तीव्र था कि स्थानीय लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कुछ निवासी अपने घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए, जबकि कुछ लोग अपने घरों के भीतर ही फंसकर रह गए।
इस घटना में प्रभावित हुए 15 लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि प्रभावितों को उचित चिकित्सा सहायता मिल सके।
स्थानीय लोगों ने बताया कि शाम के समय अचानक घुटन महसूस होने लगी, जिसके बाद उन्हें गैस रिसाव की जानकारी हुई। इस घटना ने रिहायशी इलाकों के पास स्थित औद्योगिक या सीवेज संयंत्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल, संबंधित अधिकारियों द्वारा मामले की जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि प्लांट में गैस रिसाव किन परिस्थितियों में हुआ। प्रभावित परिवारों के बीच दहशत का माहौल है और वे प्रशासन से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग कर रहे हैं।
अस्पताल में भर्ती कराए गए लोगों की हालत पर डॉक्टर लगातार निगरानी रख रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से घबराने के बजाय एहतियात बरतने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।