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मेरठ नीला ड्रम केस: कोर्ट ने मुस्कान और साहिल को माना दोषी, 14 अक्तूबर को सुनाई जाएगी सजा

मेरठ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को दोषी करार दिया है। ब्रह्मपुरी इलाके में हुए इस मामले में पति सौरभ की हत्या के आरोप में दोनों को सजा सुनाई जाएगी। फैसले के बाद दोनों आरोपी रोते हुए बैरक में लौटे। इस मामले में कुल 22 गवाहों ने अपनी गवाही दर्ज कराई थी। अदालत अब 14 अक्तूबर को इस मामले में सजा का ऐलान करेगी।

मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र में सामने आए बहुचर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। अमर उजाला नेटवर्क की रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को सौरभ की हत्या का दोषी माना है। यह मामला लंबे समय से कानूनी प्रक्रिया के अधीन था और 125 तारीखों की सुनवाई के बाद यह निर्णय आया है।

अदालत में इस मामले की सुनवाई के दौरान कुल 22 गवाहों ने अपनी गवाही दर्ज कराई। साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने दोनों को हत्या का दोषी पाया। फैसला सुनाए जाने के तुरंत बाद मुस्कान और साहिल को रोते हुए बैरक में वापस ले जाया गया।

जेलर डॉ. वीरेश राज शर्मा ने इस घटनाक्रम और आरोपियों की स्थिति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फैसले के बाद दोनों आरोपी काफी भावुक नजर आए। मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे।

यह मामला तब चर्चा में आया था जब पुलिस ने नीला ड्रम के भीतर से शव बरामद किया था। जांच में सामने आया था कि मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर अपने पति सौरभ की हत्या की साजिश रची थी। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था।

कानूनी प्रक्रिया के तहत अब सजा सुनाने के लिए 14 अक्तूबर की तारीख तय की गई है। उस दिन अदालत यह तय करेगी कि दोषियों को क्या सजा दी जाएगी। तब तक दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में रहेंगे।

इस मामले में पुलिस और अभियोजन पक्ष ने ठोस सबूत पेश किए, जिसके कारण दोषियों को सजा तक पहुँचाया जा सका। गवाहों की भूमिका इस मामले में अत्यंत महत्वपूर्ण रही, जिन्होंने घटना से जुड़ी कड़ियाँ जोड़ने में मदद की।

स्थानीय लोग और पीड़ित परिवार अब 14 अक्तूबर का इंतजार कर रहे हैं, जब अदालत अपना अंतिम फैसला सुनाएगी। यह मामला न्याय प्रणाली की निष्पक्षता और कड़ी मेहनत का एक उदाहरण बना है।

स्रोत

मूल संदर्भ

01अमर उजाला नेटवर्क, मेरठमूल रिपोर्ट देखें ↗