मैनपुरी में 38 घंटे तक दहशत का माहौल: एलपीजी टैंकर पलटने से दो हजार लोगों की नींद उड़ी
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में दन्नाहार क्षेत्र के बटरौली गांव के पास एलपीजी गैस से भरा एक टैंकर खाई में पलट गया। इस घटना के बाद 38 घंटे तक इलाके में भारी दहशत रही। सुरक्षा के मद्देनजर दस पेट्रोल पंप और आठ स्कूल बंद कर दिए गए थे। करीब दो हजार लोगों को अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता सताती रही और घरों में चूल्हे तक नहीं जले।
VIMARSHNAARAD TVमैनपुरी जिले के दन्नाहार क्षेत्र में एक एलपीजी टैंकर पलटने से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन इसके बाद का समय स्थानीय लोगों के लिए बेहद तनावपूर्ण रहा। संवाद न्यूज एजेंसी के अनुसार, मथुरा रिफाइनरी से नेपाल जा रहा यह टैंकर चालक को नींद की झपकी आने के कारण अनियंत्रित हो गया था।
टैंकर सड़क किनारे गहरी खाई में जा गिरा, जिससे गैस रिसाव का खतरा पैदा हो गया। इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत एहतियाती कदम उठाए। बटरौली गांव के आसपास के इलाके को खाली कराने की नौबत आ गई थी, जिससे करीब दो हजार लोगों की रातें बेचैनी में गुजरीं।
सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने आसपास के दस पेट्रोल पंपों को बंद करवा दिया। साथ ही, बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आठ स्कूलों में भी अवकाश घोषित कर दिया गया। 38 घंटे तक चले इस बचाव अभियान के दौरान पूरा इलाका हाई अलर्ट पर रहा।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि गैस रिसाव के डर से उन्होंने अपने घरों में चूल्हे तक नहीं जलाए। लोग किसी भी अनहोनी की आशंका से डरे हुए थे। प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थीं ताकि कोई बड़ी दुर्घटना न हो।
टैंकर को सुरक्षित तरीके से निकालने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ली गई। इस दौरान दमकल की गाड़ियां और पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। प्रशासन ने लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील की थी।
38 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टैंकर को खाई से बाहर निकाला गया और गैस रिसाव के खतरे को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया। इसके बाद ही लोगों ने राहत की सांस ली।
यह घटना सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों के चालकों की थकान के प्रति एक गंभीर चेतावनी है। प्रशासन अब इस मामले की जांच कर रहा है कि क्या चालक की लापरवाही के लिए कोई कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।