मोहम्मद शमी को लेकर सौरव गांगुली का बड़ा बयान, कहा- उम्र के साथ टीम से बाहर होना सामान्य
पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने मोहम्मद शमी के टीम से बाहर होने पर अपनी राय रखी है। गांगुली ने स्पष्ट किया कि शमी की अनदेखी नहीं की जा रही है, बल्कि उम्र बढ़ने के साथ टीम से बाहर होना एक सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने 2027 विश्व कप की संभावनाओं पर भी चर्चा की और शमी के अनुभव को भारतीय क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण बताया।
VIMARSHNAARAD TVभारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के भविष्य को लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम लगाने का प्रयास किया है। गांगुली ने कहा कि शमी को टीम से बाहर रखने का कोई इरादा नहीं है और न ही उनकी अनदेखी की जा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि खेल में उम्र का प्रभाव स्वाभाविक है और एक निश्चित पड़ाव के बाद खिलाड़ियों का टीम से बाहर होना एक सामान्य प्रक्रिया है।
गांगुली ने स्पष्ट किया कि शमी जैसे अनुभवी खिलाड़ी का टीम में योगदान हमेशा सराहनीय रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी खिलाड़ी के करियर में उतार-चढ़ाव आते हैं और इसे केवल उपेक्षा के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। गांगुली के अनुसार, चयनकर्ता और टीम प्रबंधन खिलाड़ियों की फिटनेस और फॉर्म के आधार पर ही निर्णय लेते हैं।
2027 विश्व कप की तैयारियों के संदर्भ में गांगुली ने कहा कि भविष्य की योजनाओं में अनुभवी खिलाड़ियों की भूमिका पर विचार किया जाता है। उन्होंने संकेत दिया कि शमी की वापसी के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं, बशर्ते वे अपनी फिटनेस और प्रदर्शन को बनाए रखें। गांगुली का मानना है कि शमी का अनुभव युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत हो सकता है।
भारतीय क्रिकेट में तेज गेंदबाजों के वर्कलोड मैनेजमेंट पर भी गांगुली ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आधुनिक क्रिकेट में खिलाड़ियों को लंबे समय तक फिट रखने के लिए रोटेशन पॉलिसी अपनाना जरूरी है। शमी के मामले में भी इसी तरह की रणनीति अपनाई गई हो सकती है, जिसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
गांगुली ने यह भी कहा कि शमी ने भारतीय क्रिकेट के लिए जो हासिल किया है, वह किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने शमी की गेंदबाजी कौशल की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे अभी भी विश्व स्तरीय गेंदबाज हैं। गांगुली का यह बयान उन प्रशंसकों के लिए राहत की बात है जो शमी को फिर से नीली जर्सी में देखना चाहते हैं।
अंत में, गांगुली ने खिलाड़ियों को सलाह दी कि वे अपनी फिटनेस पर ध्यान दें और घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन जारी रखें। उन्होंने कहा कि टीम में जगह बनाने का एकमात्र रास्ता निरंतरता और मेहनत है। गांगुली का यह संतुलित दृष्टिकोण भारतीय क्रिकेट के भविष्य और खिलाड़ियों के सम्मान को लेकर उनकी गंभीरता को दर्शाता है।