ताज़ा अपडेटयमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस अग्निकांड: 19 चालान के बाद भी दौड़ रही थी बस, नौ की मौत
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यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस अग्निकांड: 19 चालान के बाद भी दौड़ रही थी बस, नौ की मौत

दिल्ली से महोबा जा रही एक स्लीपर बस यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसे का शिकार हो गई। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, बस पर पहले से 19 चालान दर्ज थे, इसके बावजूद वह सड़क पर दौड़ रही थी। अधिकारियों की कथित लापरवाही के चलते इस दुर्घटना में नौ यात्रियों ने अपनी जान गंवा दी है।

यमुना एक्सप्रेसवे पर हाल ही में हुई एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना ने सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिल्ली से महोबा की ओर जा रही एक स्लीपर बस आग की चपेट में आ गई, जिसमें नौ यात्रियों की दुखद मृत्यु हो गई। इस घटना ने परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली और सड़क सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी है।

अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बस पहले से ही यातायात नियमों के उल्लंघन के लिए चर्चा में थी। दुर्घटनाग्रस्त होने से पहले इस वाहन के खिलाफ 19 बार चालान काटे जा चुके थे। इतनी बड़ी संख्या में चालान होने के बावजूद, बस का बेरोकटोक सड़कों पर चलना प्रशासन की ढिलाई को दर्शाता है।

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे के पीछे भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत और लापरवाही एक बड़ा कारण मानी जा रही है। यदि समय रहते नियमों का सख्ती से पालन कराया गया होता, तो शायद यह नौ जिंदगियां बचाई जा सकती थीं। स्थानीय स्तर पर इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग उठ रही है।

घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीदों और रिपोर्टों के आधार पर, बस में अचानक आग लगने से यात्रियों को संभलने का मौका नहीं मिला। एक्सप्रेसवे जैसे हाई-स्पीड कॉरिडोर पर इस तरह की अनफिट बसों का संचालन सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बना हुआ है।

परिवहन विभाग के सूत्रों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि बार-बार चालान होने के बाद भी बस को परमिट कैसे मिलता रहा। इस घटना ने सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा मानकों को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।

मृतकों के परिवारों के लिए यह एक अपूरणीय क्षति है। प्रशासन अब इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दे रहा है। हालांकि, सवाल यह है कि क्या भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कोई ठोस नीति अपनाई जाएगी।

फिलहाल, पुलिस और संबंधित विभाग दुर्घटना के कारणों की तकनीकी जांच में जुटे हैं। एक्सप्रेसवे पर यातायात को सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं, जबकि इस हादसे की गूंज पूरे क्षेत्र में सुनाई दे रही है।

स्रोत

मूल संदर्भ

01नीरज 'अम्बुज', अमर उजाला, लखनऊमूल रिपोर्ट देखें ↗