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यूपी के 23 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, अगले तीन दिनों तक मौसम रहेगा खराब

उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और तराई क्षेत्रों में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के 23 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। लोगों को गरज और चमक के साथ तेज बारिश का सामना करना पड़ सकता है, जिसके लिए प्रशासन ने सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

यूपी के 23 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, अगले तीन दिनों तक मौसम रहेगा खराब
लाइसेंस प्राप्त विषय चित्र: MODIS Land Rapid Response Team, NASA GSFC · Public domain · Wikimedia Commons

उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता दिख रहा है। अमर उजाला नेटवर्क की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के पूर्वांचल और तराई इलाकों में अगले तीन दिनों तक मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा। इन क्षेत्रों में जोरदार बारिश होने के आसार हैं।

मौसम विभाग ने राज्य के कुल 23 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है क्योंकि गरज और चमक के साथ तेज बारिश की संभावना है।

पूर्वांचल के कई जिलों में पिछले कुछ समय से उमस भरी गर्मी का दौर चल रहा था, जिससे अब लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, भारी बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है।

तराई क्षेत्र के जिलों में भी बारिश की तीव्रता अधिक रहने की संभावना है। स्थानीय प्रशासन ने संभावित आपदा प्रबंधन के लिए अपनी तैयारियों को दुरुस्त करना शुरू कर दिया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि हवाओं के रुख में बदलाव के कारण बादलों का जमावड़ा इन क्षेत्रों में अधिक हो रहा है। अगले 72 घंटों तक रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहने की पूरी संभावना है।

किसानों के लिए भी यह बारिश महत्वपूर्ण मानी जा रही है, हालांकि अधिक पानी फसलों के लिए नुकसानदेह भी हो सकता है। कृषि विभाग ने किसानों को खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने का सुझाव दिया है।

आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और बिजली के खंभों या पुराने पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें।

प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखने के लिए कंट्रोल रूम को सक्रिय कर दिया है। किसी भी प्रकार की सूचना या सहायता के लिए स्थानीय आपदा प्रबंधन विभाग से संपर्क किया जा सकता है।

स्रोत

मूल संदर्भ

01अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊमूल रिपोर्ट देखें ↗