यूपी: टेलीग्राम पर बच्चों के अश्लील वीडियो अपलोड करने का मामला, पुलिस रिकवर करेगी डिलीट डेटा
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, टेलीग्राम चैनल के जरिए बच्चों के अश्लील वीडियो अपलोड कर पैसे कमाने के मामले में जांच जारी है। पुलिस अब आरोपियों के लैपटॉप और मोबाइल से डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने की कोशिश कर रही है ताकि ठोस सबूत जुटाए जा सकें। जांच का पूरा दारोमदार अब डिजिटल साक्ष्यों की बरामदगी पर टिका है।
VIMARSHNAARAD TVउत्तर प्रदेश में बच्चों से जुड़े अश्लील वीडियो को टेलीग्राम पर अपलोड करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले में आरोपी वीडियो के जरिए अवैध रूप से पैसे कमा रहे थे। पुलिस इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश करने के लिए गहन जांच कर रही है।
अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच अब एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गई है। पुलिस का पूरा ध्यान अब आरोपियों के पास से बरामद लैपटॉप और मोबाइल फोन से साक्ष्य जुटाने पर केंद्रित है।
चूंकि आरोपियों ने कई महत्वपूर्ण फाइलें और डेटा डिलीट कर दिया था, इसलिए पुलिस अब फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से इस डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने की प्रक्रिया में जुटी है। अधिकारियों का मानना है कि यह डेटा मामले की कड़ियों को जोड़ने में मददगार साबित होगा।
यह मामला बच्चों की सुरक्षा और साइबर अपराध के बढ़ते खतरों को उजागर करता है। टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग कर इस तरह की घिनौनी गतिविधियों को अंजाम देना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
पुलिस ने इस मामले में शामिल लोगों की पहचान करने और उनके नेटवर्क को तोड़ने के लिए तकनीकी साक्ष्यों को प्राथमिकता दी है। डिजिटल फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा तय होगी।
जांच अधिकारी इस बात की भी पड़ताल कर रहे हैं कि इस गिरोह के तार और कहां-कहां जुड़े हैं और इसमें कितने लोग शामिल हो सकते हैं। पुलिस का कहना है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
साइबर सेल की टीम लगातार इस मामले की निगरानी कर रही है। डेटा रिकवरी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि उन्हें इस पूरे रैकेट के संचालन के बारे में और भी महत्वपूर्ण जानकारियां मिलेंगी।
यह घटना समाज में डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता और सख्त निगरानी की आवश्यकता को रेखांकित करती है। पुलिस की जांच जारी है और जल्द ही इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है।