यूपी: दिल्ली से बुंदेलखंड तक फैला नशे का नेटवर्क, कोडीन सिरप की तस्करी में चार गिरफ्तार
बांदा में कोडीनयुक्त सिरप की एक बड़ी खेप पकड़े जाने के बाद पुलिस ने नशे के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी खांसी की दवा के रैपर बदलकर और फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करके इसे नशे के कारोबारियों तक पहुंचाते थे। इस मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
VIMARSHNAARAD TVउत्तर प्रदेश के बांदा में पुलिस ने नशे के एक अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, यह गिरोह दिल्ली से लेकर बुंदेलखंड तक कोडीनयुक्त सिरप की तस्करी में सक्रिय था। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो लंबे समय से इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे थे।
तस्करी का तरीका बेहद शातिर था। आरोपी खांसी की दवा के रैपर बदलकर उसे नशे के रूप में बाजार में उतारते थे। इसके अलावा, वे फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर इस दवा को नशे के कारोबारियों तक सुरक्षित पहुंचाते थे। पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह गिरोह काफी समय से संगठित तरीके से काम कर रहा था।
बांदा में पकड़ी गई कोडीनयुक्त सिरप की खेप ने इस पूरे नेटवर्क की पोल खोल दी। पुलिस को लंबे समय से इस क्षेत्र में नशे की दवाओं की तस्करी की सूचना मिल रही थी। इसी के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपियों को दबोचा और उनके पास से भारी मात्रा में प्रतिबंधित सिरप बरामद की।
अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, यह गिरोह दिल्ली से माल खरीदकर उसे बुंदेलखंड के विभिन्न जिलों में सप्लाई करता था। फर्जी दस्तावेजों के कारण पुलिस के लिए इन्हें पकड़ना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन सतर्कता के चलते पुलिस ने इस गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अब इस मामले में आगे की जांच कर रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और मुख्य सरगनाओं का पता लगाया जा सके। गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि वे अब तक कितनी बड़ी मात्रा में इस दवा की तस्करी कर चुके हैं।
यह घटना नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और इस तरह के नेटवर्क को पूरी तरह से खत्म करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
स्थानीय पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें ताकि नशे के इस जाल को समय रहते तोड़ा जा सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की टीमें अब अन्य संभावित ठिकानों पर भी छापेमारी की तैयारी कर रही हैं।