यूपी: स्कूल की बदहाली दिखाने पर पत्रकार पर दर्ज हुआ मुकदमा, हाईकोर्ट ने कार्रवाई पर लगाई रोक
लखनऊ में एक सरकारी स्कूल की खराब स्थिति और साफ-सफाई के अभाव को उजागर करने वाले एक पत्रकार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए पत्रकार के खिलाफ की जा रही कार्रवाई पर रोक लगा दी है और संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है।
VIMARSHNAARAD TVराजधानी लखनऊ में एक सरकारी स्कूल की बदहाली को सार्वजनिक करने वाले पत्रकार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का मामला सामने आया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, पत्रकार ने स्कूल की जर्जर स्थिति और वहां व्याप्त गंदगी की समस्या को उजागर किया था, जिसके बाद उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया।
इस मामले को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने पत्रकार के खिलाफ की जा रही पुलिस कार्रवाई पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने इस बात पर नाराजगी जताई कि जनहित के मुद्दों को उठाने वाले व्यक्ति के खिलाफ ही कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग किया जा रहा है।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने पूछा कि स्कूल की बदहाली सुधारने के बजाय पत्रकार पर मुकदमा क्यों दर्ज किया गया। यह मामला सरकारी तंत्र की जवाबदेही और प्रेस की स्वतंत्रता के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पत्रकार ने अपनी रिपोर्ट में स्कूल की बुनियादी सुविधाओं के अभाव और वहां की खराब साफ-सफाई व्यवस्था को दिखाया था। उनका उद्देश्य प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित करना था ताकि बच्चों को बेहतर माहौल मिल सके।
अदालत ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस मामले में निष्पक्ष जांच करें और भविष्य में ऐसी कार्रवाई से बचें। हाईकोर्ट का यह आदेश उन लोगों के लिए राहत की खबर है जो समाज में व्याप्त कमियों को उजागर करने का काम करते हैं।
इस घटना ने लखनऊ के सरकारी स्कूलों की स्थिति पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल की समस्याओं को हल करने के बजाय उन्हें दबाने की कोशिश करना गलत है।
हाईकोर्ट की इस टिप्पणी के बाद अब संबंधित विभाग पर दबाव बढ़ गया है कि वे स्कूल की स्थिति में सुधार करें। पत्रकार के खिलाफ दर्ज मुकदमे के बाद से ही यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ था।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए निर्देश जारी कर दिए हैं। उम्मीद है कि इस हस्तक्षेप के बाद पत्रकार को न्याय मिलेगा और स्कूल की स्थिति में भी सुधार होगा।