रक्षाबंधन पर मुफ्त बस यात्रा की सुविधा के बावजूद मैनपुरी में यात्रियों को करना पड़ा भारी संघर्ष
उत्तर प्रदेश में रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा की घोषणा की गई थी, लेकिन मैनपुरी के बेवर बस स्टैंड पर बसों की भारी कमी के कारण यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। त्योहार के कारण यात्रियों की संख्या में भारी उछाल आया, जिससे बस स्टैंड पर अफरातफरी का माहौल रहा और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
VIMARSHNAARAD TVरक्षाबंधन के पावन पर्व पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा का तोहफा दिया गया था। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए बड़ी संख्या में बहनें अपने मायके जाने के लिए बस स्टैंड पहुंचीं। हालांकि, मैनपुरी के बेवर बस स्टैंड पर स्थिति उम्मीद के विपरीत रही, जहां बसों की कमी के कारण यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
त्योहार के चलते बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़ सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ गई थी। यात्रियों का कहना है कि बसों की पर्याप्त उपलब्धता न होने के कारण उन्हें घंटों तक अगली बस का इंतजार करना पड़ा। भीड़ इतनी अधिक थी कि बस के आते ही उसमें चढ़ने के लिए यात्रियों के बीच होड़ मच गई।
संवाद न्यूज एजेंसी के अनुसार, बेवर बस स्टैंड पर यात्रियों को दो से तीन घंटे तक बस के लिए खड़ा रहना पड़ा। इस दौरान कई यात्रियों ने अपनी नाराजगी जाहिर की और बताया कि मुफ्त यात्रा की घोषणा तो की गई, लेकिन बसों की संख्या न बढ़ाने से उन्हें काफी परेशानी हुई है।
बस स्टैंड पर मौजूद यात्रियों ने बताया कि त्योहार के दिन घर पहुंचने की जल्दी में वे घंटों धूप और भीड़ में खड़े रहने को मजबूर हुए। बसें कम होने के कारण उनमें क्षमता से अधिक भीड़ हो गई, जिससे महिलाओं और बच्चों को और भी अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ा।
प्रशासनिक स्तर पर त्योहार के दौरान अतिरिक्त बसों के संचालन के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत मैनपुरी के इस बस स्टैंड पर कुछ और ही नजर आई। यात्रियों की बढ़ती संख्या के अनुपात में बसों का इंतजाम न होना इस अव्यवस्था का मुख्य कारण माना जा रहा है।
इस स्थिति के कारण कई यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी देरी हुई। रक्षाबंधन का दिन होने के कारण समय पर घर पहुंचना सभी के लिए महत्वपूर्ण था, लेकिन बसों के इंतजार ने इस खुशी के मौके पर थोड़ी मायूसी घोल दी।
फिलहाल, यात्रियों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसे त्योहारों के दौरान बसों की संख्या में उचित वृद्धि की जाए ताकि उन्हें इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।