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रक्षाबंधन विज्ञापन विवाद: कृति सेनन के विज्ञापन पर कुनिका सदानंद और मधु चोपड़ा ने दी प्रतिक्रिया

अभिनेत्री कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन को लेकर छिड़े विवाद में अब कुनिका सदानंद और प्रियंका चोपड़ा की मां मधु चोपड़ा भी शामिल हो गई हैं। कुनिका ने कंगना रनौत के एक पुराने बयान का जिक्र करते हुए अपनी राय रखी, जबकि मधु चोपड़ा ने भी इस पूरे मामले पर अपनी बात कही है।

कृति सेनन का हालिया रक्षाबंधन विज्ञापन सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। इस विज्ञापन को लेकर शुरू हुए विवाद में अब मनोरंजन जगत की अन्य हस्तियों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। अभिनेत्री कुनिका सदानंद और प्रियंका चोपड़ा की मां मधु चोपड़ा ने इस विज्ञापन पर अपनी राय साझा की है।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, कुनिका सदानंद ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कंगना रनौत के एक चर्चित बयान का उल्लेख किया। उन्होंने ‘सड्डा कुत्ता टॉमी...’ वाले अंदाज में अपनी बात रखते हुए विज्ञापन के संदेश पर सवाल उठाए। कुनिका का मानना है कि विज्ञापन में दिखाए गए कुछ पहलुओं पर विचार करने की आवश्यकता है।

वहीं, प्रियंका चोपड़ा की मां मधु चोपड़ा ने भी इस विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने विज्ञापन के संदर्भ में अपनी राय व्यक्त की है। हालांकि, उन्होंने इस मामले को लेकर बहुत विस्तार से बात नहीं की, लेकिन उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कराई है।

सोशल मीडिया पर इस विज्ञापन को लेकर लोगों की राय बंटी हुई है। कुछ लोग विज्ञापन के समर्थन में हैं, तो कुछ इसे रक्षाबंधन की परंपराओं के विपरीत मान रहे हैं। कुनिका और मधु चोपड़ा के बयानों ने इस बहस को और हवा दे दी है।

यह पहली बार नहीं है जब किसी विज्ञापन को लेकर बॉलीवुड हस्तियों के बीच विवाद हुआ हो। अक्सर विज्ञापनों के संदेशों को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आती हैं। कृति सेनन का यह विज्ञापन भी इसी तरह की चर्चाओं के केंद्र में है।

अभी तक कृति सेनन की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। प्रशंसक और आलोचक दोनों ही इस मामले पर आगे की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।

इस तरह के विवाद अक्सर विज्ञापनों की रचनात्मकता और सामाजिक संवेदनशीलता के बीच के संतुलन पर सवाल उठाते हैं। कुनिका सदानंद और मधु चोपड़ा की भागीदारी ने इस मामले को और अधिक चर्चा में ला दिया है।

स्रोत

मूल संदर्भ

01एंटरटेनमेंट डेस्क,अमर उजालामूल रिपोर्ट देखें ↗