रक्षाबंधन से पहले आगरा में मिलावटी दूध और पनीर की बड़ी खेप बरामद, स्वास्थ्य के लिए है खतरनाक
रक्षाबंधन के त्योहार के मद्देनजर आगरा में प्रशासन ने राजस्थान और मध्य प्रदेश से आने वाली मिलावटी खाद्य सामग्री पर बड़ी कार्रवाई की है। पकड़े गए दूध में डिटर्जेंट और पनीर में व्हाइटनर जैसे हानिकारक तत्व पाए गए हैं। हाल ही में मुरैना से आ रहे सात हजार लीटर खराब दूध को भी नष्ट किया गया है। प्रशासन ने लोगों को त्योहार के दौरान खाने-पीने की चीजों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।
VIMARSHNAARAD TVरक्षाबंधन के त्योहार के करीब आते ही आगरा में मिलावटी खाद्य पदार्थों का कारोबार सक्रिय हो गया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासन ने राजस्थान और मध्य प्रदेश से आगरा लाई जा रही मिलावटी दूध, पनीर और खोया की बड़ी खेप को पकड़ा है। इन खाद्य पदार्थों में स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक रसायनों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि दूध में डिटर्जेंट मिलाया जा रहा था, जो शरीर के लिए काफी नुकसानदेह है। इसके अलावा, पनीर को सफेद और आकर्षक बनाने के लिए उसमें व्हाइटनर का प्रयोग किया जा रहा था। इस तरह की मिलावट सीधे तौर पर आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है।
प्रशासन की ओर से हाल ही में एक और बड़ी कार्रवाई की गई थी। मुरैना से आगरा की ओर आ रहे सात हजार लीटर घटिया दूध को पकड़ा गया था। स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने इस भारी मात्रा में मौजूद दूध को मौके पर ही नष्ट करवा दिया।
आगरा में बाहर से आने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन अब काफी सख्त हो गया है। त्योहारों के दौरान बाजार में मांग बढ़ने का फायदा उठाकर कुछ लोग मुनाफा कमाने के लिए जहर जैसा सामान बेच रहे हैं। इन घटनाओं ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
अधिकारियों का कहना है कि मिलावटखोरों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है ताकि त्योहार के दौरान लोगों को शुद्ध खाद्य पदार्थ मिल सकें। इस तरह की खेप पकड़े जाने के बाद अब आपूर्ति श्रृंखला पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, डिटर्जेंट और व्हाइटनर युक्त दूध-पनीर का सेवन करने से पेट संबंधी गंभीर बीमारियां और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध खाद्य पदार्थ की खरीद से बचें और गुणवत्ता की जांच परख कर ही त्योहार का आनंद लें।
आने वाले दिनों में प्रशासन द्वारा और अधिक सघन चेकिंग अभियान चलाए जाने की संभावना है। मिलावटखोरी के इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए अंतरराज्यीय स्तर पर भी समन्वय स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि राजस्थान और मध्य प्रदेश से आने वाली ऐसी खेप पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।