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राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय: 14 हजार फेल विद्यार्थी देंगे विशेष बैक परीक्षा, ओएमआर आधारित होगी परीक्षा

राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के स्नातक और परास्नातक के विभिन्न सेमेस्टर में अनुत्तीर्ण हुए 14 हजार विद्यार्थियों के लिए विशेष बैक परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह परीक्षा ओएमआर शीट पर आधारित होगी। विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों के छात्र इस परीक्षा में शामिल होकर अपने परिणाम में सुधार कर सकेंगे।

राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय ने उन विद्यार्थियों के लिए एक बड़ा अवसर प्रदान किया है जो हालिया परीक्षाओं में उत्तीर्ण नहीं हो सके थे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्नातक के पांचवें और छठे सेमेस्टर तथा परास्नातक के तीसरे और चौथे सेमेस्टर में फेल हुए छात्रों के लिए विशेष बैक परीक्षा की घोषणा की है।

अमर उजाला नेटवर्क के अनुसार, इस परीक्षा में लगभग 14 हजार विद्यार्थी शामिल होंगे। विश्वविद्यालय ने परीक्षा प्रणाली में बदलाव करते हुए इस बार पेपर ओएमआर शीट पर लेने का निर्णय लिया है। इससे परीक्षा परिणाम जल्दी घोषित करने में मदद मिलेगी।

यह विशेष बैक परीक्षा उन सभी विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है जो अपने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के परिणामों से संतुष्ट नहीं थे या किन्हीं विषयों में अनुत्तीर्ण हो गए थे। विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी महाविद्यालयों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश भेज दिए गए हैं।

परीक्षा की तैयारी को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि छात्रों को ओएमआर आधारित परीक्षा पैटर्न के अनुसार अपनी तैयारी करनी चाहिए। यह प्रणाली वस्तुनिष्ठ प्रश्नों पर आधारित होगी, जिससे छात्रों को उत्तर देने में आसानी होगी।

विश्वविद्यालय ने छात्रों से अपील की है कि वे परीक्षा की तारीखों और अन्य दिशा-निर्देशों के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर नजर रखें। समय पर परीक्षा फॉर्म भरना और प्रवेश पत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

इस पहल का उद्देश्य छात्रों का एक वर्ष बर्बाद होने से बचाना है। विशेष बैक परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थी अपने अनुत्तीर्ण विषयों को पास कर अपनी डिग्री पूरी कर सकेंगे। महाविद्यालयों को भी परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्था करने को कहा गया है।

यह निर्णय विश्वविद्यालय के उन छात्रों के लिए एक बड़ी राहत है जो अपनी पढ़ाई को लेकर चिंतित थे। प्रशासन का मानना है कि ओएमआर आधारित परीक्षा से मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति आएगी।

स्रोत

मूल संदर्भ

01अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़मूल रिपोर्ट देखें ↗