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राज कुमार के अनोखे अंदाज और हाजिरजवाबी के कायल थे बिस्वजीत चटर्जी, साझा किए पुराने किस्से

दिग्गज अभिनेता बिस्वजीत चटर्जी ने दिवंगत अभिनेता राज कुमार के साथ अपने अनुभवों को याद किया है। उन्होंने राज कुमार के बेबाक व्यक्तित्व, उनके सेंस ऑफ ह्यूमर और अभिनय शैली की जमकर तारीफ की। बिस्वजीत ने बताया कि कैसे राज कुमार अपनी बातों से अक्सर लोगों को हैरान कर देते थे और उनका अंदाज सबसे जुदा था।

राज कुमार के अनोखे अंदाज और हाजिरजवाबी के कायल थे बिस्वजीत चटर्जी, साझा किए पुराने किस्से
लाइसेंस प्राप्त विषय चित्र: Ajit Chakrabarty (Mars and Movies) · Public domain · Wikimedia Commons

बॉलीवुड के सदाबहार अभिनेता बिस्वजीत चटर्जी ने हाल ही में अपने दौर के मशहूर अभिनेता राज कुमार से जुड़े कई दिलचस्प किस्से साझा किए हैं। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, बिस्वजीत ने राज कुमार के साथ बिताए पलों को याद करते हुए उनके व्यक्तित्व की गहराई और उनके अनूठे सेंस ऑफ ह्यूमर पर प्रकाश डाला है।

बिस्वजीत ने बताया कि राज कुमार का व्यक्तित्व बेहद प्रभावशाली था। वे न केवल अपने अभिनय के लिए जाने जाते थे, बल्कि अपनी बेबाक बातचीत और हाजिरजवाबी के लिए भी मशहूर थे। उनके बोलने का अंदाज ऐसा था कि सामने वाला व्यक्ति अक्सर निरुत्तर हो जाता था।

एक किस्सा साझा करते हुए बिस्वजीत ने बताया कि राज कुमार ने एक बार एक निर्माता का मजाक उड़ाया था। जब निर्माता ने उनके पहनावे पर कोई टिप्पणी की, तो राज कुमार ने अपनी विशिष्ट शैली में जवाब दिया कि उन्होंने जो कपड़े पहने हैं, उसका तो निर्माता ने कभी सोचा भी नहीं होगा। यह घटना उनके आत्मविश्वास और उनके मजाकिया स्वभाव को दर्शाती है।

बिस्वजीत चटर्जी ने राज कुमार की अभिनय क्षमता की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि राज कुमार का स्क्रीन पर होना ही फिल्म में एक अलग ऊर्जा भर देता था। वे अपने संवादों को जिस तरह से पेश करते थे, वह आज भी दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बना रहता है।

राज कुमार के साथ काम करने के अपने अनुभवों को साझा करते हुए बिस्वजीत ने बताया कि वे एक ऐसे व्यक्ति थे जो अपनी शर्तों पर जीते थे। उनकी पर्सनैलिटी में एक तरह का ठहराव और गंभीरता थी, जो उन्हें अन्य कलाकारों से अलग खड़ा करती थी।

बिस्वजीत के अनुसार, राज कुमार के साथ काम करना एक सीखने जैसा अनुभव था। उनके सेंस ऑफ ह्यूमर को समझना हर किसी के बस की बात नहीं थी, लेकिन जो उनके करीब थे, वे जानते थे कि वे दिल के कितने साफ थे।

ये किस्से न केवल राज कुमार की यादों को ताजा करते हैं, बल्कि उस दौर के सिनेमाई माहौल की एक झलक भी पेश करते हैं। बिस्वजीत चटर्जी द्वारा साझा की गई ये बातें प्रशंसकों के लिए एक अनमोल खजाना हैं, जो आज भी राज कुमार के अभिनय के दीवाने हैं।

स्रोत

मूल संदर्भ

01एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजालामूल रिपोर्ट देखें ↗