राम मंदिर दान चोरी मामला: चार्जशीट में खुलासा, अविनाश ने 85 बार की नकदी की हेराफेरी
अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे की रकम चोरी होने के मामले में पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। इसमें आरोपी अविनाश द्वारा 85 बार नकदी के बंडल चुराने का जिक्र है। मोबाइल डेटा, सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड के आधार पर तैयार इस रिपोर्ट में अभियुक्तों की भूमिका का विस्तार से वर्णन किया गया है। जांच में सामने आया है कि 700 खातों में चंपत के नाम का कोई उल्लेख नहीं है।
VIMARSHNAARAD TVअयोध्या स्थित राम मंदिर में दान की गई राशि की कथित चोरी के मामले में जांच आगे बढ़ रही है। पुलिस ने इस मामले में अदालत के समक्ष एक विस्तृत चार्जशीट पेश की है, जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
चार्जशीट के अनुसार, मुख्य आरोपी अविनाश ने मंदिर के चढ़ावे से 85 बार नकदी के बंडल चुराए थे। इन दावों की पुष्टि के लिए पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया है।
जांचकर्ताओं ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) का बारीकी से विश्लेषण किया है। इन साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्तों की संलिप्तता और उनकी कार्यप्रणाली का विस्तृत ब्योरा तैयार किया गया है।
पुलिस की रिपोर्ट में चैट का भी जिक्र है, जिसमें नकदी के बंडलों के लेन-देन और चोरी की घटनाओं के बारे में बातचीत की गई थी। यह डिजिटल साक्ष्य मामले की गंभीरता को दर्शाता है।
एक महत्वपूर्ण जानकारी यह भी सामने आई है कि जिन 700 खातों की जांच की गई, उनमें 'चंपत' नाम का कोई भी खाता नहीं पाया गया है। यह तथ्य मामले की जांच में एक नया मोड़ लेकर आया है।
अदालत में दाखिल की गई यह चार्जशीट पुलिस की अब तक की मेहनत और साक्ष्यों के संकलन को दर्शाती है। इसमें प्रत्येक आरोपी की भूमिका को स्पष्ट रूप से परिभाषित करने का प्रयास किया गया है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने सभी तकनीकी पहलुओं को चार्जशीट का हिस्सा बनाया है। अब अदालत इस मामले में आगे की सुनवाई करेगी और साक्ष्यों के आधार पर न्याय प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंधन इस मामले पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान मिले सबूतों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।