रायबरेली: निलंबन के तनाव ने ली जान, परिवार के एकमात्र सहारा ओम प्रकाश मौर्य का निधन
रायबरेली के गदागंज थाना क्षेत्र में 46 वर्षीय ओम प्रकाश मौर्य की हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, ओम प्रकाश अपने परिवार के एकमात्र सहारा थे और हाल ही में हुए निलंबन के कारण काफी तनाव में थे। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और उनकी दो बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया है।
VIMARSHNAARAD TVरायबरेली जिले के गदागंज थाना क्षेत्र के रूप का पुरवा मजरे प्रयागपुर गांव में एक दुखद घटना सामने आई है। यहां 46 वर्षीय ओम प्रकाश मौर्य का शुक्रवार को अचानक दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। अमर उजाला नेटवर्क की रिपोर्ट के मुताबिक, ओम प्रकाश अपने परिवार के भरण-पोषण का एकमात्र जरिया थे।
परिजनों का आरोप है कि ओम प्रकाश पिछले कुछ समय से काफी मानसिक तनाव से गुजर रहे थे। बताया जा रहा है कि उन्हें हाल ही में निलंबित कर दिया गया था, जिसके बाद से वे काफी परेशान रहने लगे थे। इसी तनाव के कारण उनकी तबीयत बिगड़ी और अंततः हार्ट अटैक से उनकी जान चली गई।
ओम प्रकाश के निधन से उनके परिवार में मातम पसर गया है। उनके परिवार में उनकी दो बेटियां हैं, जिनके सिर से अब पिता का साया उठ गया है। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही चुनौतीपूर्ण थी और अब घर के मुखिया के चले जाने से उनके सामने जीवन यापन का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, ओम प्रकाश एक मेहनती व्यक्ति थे और अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए निरंतर संघर्ष कर रहे थे। निलंबन की कार्रवाई ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया था, जिसका असर उनके स्वास्थ्य पर पड़ा।
इस घटना के बाद से गांव में शोक की लहर है। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। वे इस स्थिति में न्याय और मदद की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक इस मामले में किसी आधिकारिक जांच या मुआवजे की पुष्टि नहीं हुई है।
यह घटना मानसिक स्वास्थ्य और कार्यस्थल पर तनाव के गंभीर परिणामों को उजागर करती है। एक परिवार का सहारा छिन जाने से समाज के हर वर्ग में संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं।
फिलहाल, परिवार के लोग इस कठिन समय में अपनों के साथ खड़े हैं। ओम प्रकाश का जाना उनके परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई करना असंभव है।