राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एकता नगर में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किए
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गुजरात के एकता नगर में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार वितरित किए। इस अवसर पर दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। समारोह में भारतीय सिनेमा की विविधता और क्षेत्रीय भाषाओं की प्रतिभाओं को सराहा गया। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पर्यटन स्थलों पर ऐसे आयोजन करने की नई परंपरा पर जोर दिया, ताकि देश की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित किया जा सके।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने गुजरात के एकता नगर में आयोजित एक भव्य समारोह में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने सभी विजेताओं को उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण के लिए बधाई देते हुए फिल्म निर्माण को एक सामूहिक प्रयास बताया। राष्ट्रपति ने कलाकारों से आग्रह किया कि वे युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत के रूप में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा दें और हानिकारक उत्पादों के विज्ञापन से बचें।
दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को भारतीय सिनेमा में उनके अमूल्य योगदान के लिए प्रतिष्ठित दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्होंने अपनी सादगी के साथ इस सम्मान को स्वीकार किया और अपने करियर के शुरुआती दिनों से लेकर अब तक के सफर में मिले सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि थिएटर उनके अभिनय का आधार रहा है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों को दिल्ली से बाहर प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आयोजित करने का उद्देश्य भारत की सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करना है। उन्होंने राज्यों से भविष्य के आयोजनों के लिए अपने पर्यटन स्थलों का प्रस्ताव रखने की अपील की। मंत्री ने फिल्म उद्योग के तकनीशियनों और पर्दे के पीछे काम करने वाले कलाकारों के योगदान की भी सराहना की।
समारोह में ममूटी और कार्तिक आर्यन को संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला, जबकि यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री चुना गया। 'आर्टिकल 370' को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का सम्मान प्राप्त हुआ। इसके अलावा, क्षेत्रीय सिनेमा के अंतर्गत गढ़वाली, तुलु और संथाली फिल्मों को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली, जो भारतीय सिनेमा की भाषाई समृद्धि को दर्शाता है।
गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस आयोजन को राज्य के लिए गर्व का विषय बताया। उन्होंने सिनेमा को समाज का दर्पण और सांस्कृतिक प्रभाव का शक्तिशाली माध्यम करार दिया। सचिव चंचल कुमार ने बताया कि इस वर्ष 34 भाषाओं की सैकड़ों फिल्मों की प्रविष्टियाँ प्राप्त हुई थीं, जिनमें से विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार दिए गए।
सरकार ने युवाओं के लिए 15,000 क्रिएटिव लैब स्थापित करने की योजना की घोषणा की है, ताकि नई प्रतिभाओं को तकनीक और कौशल सीखने के अवसर मिल सकें। मंत्री ने फिल्म जगत से छोटे शहरों के छुपे हुए हुनर को खोजने और उन्हें आगे बढ़ाने में सहयोग करने का आह्वान किया।
यह समारोह एकता नगर में आयोजित किया गया, जो राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। आयोजकों ने इसे भारतीय सिनेमा की आत्मा का उत्सव बताया, जहाँ विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों का संगम देखने को मिला। भविष्य में भी इस तरह के आयोजन देश के अन्य हिस्सों में करने की परिकल्पना की गई है।
