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राष्ट्रीय खेल दिवस पर मेजर ध्यानचंद को याद किया गया, गिरिराज सिंह ने ममता बनर्जी पर साधा निशाना

देशभर में 29 अगस्त को हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाई गई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उपराष्ट्रपति सहित कई दिग्गजों ने खेल जगत की हस्तियों को बधाई दी। वहीं, राजनीतिक गलियारों में गिरिराज सिंह ने ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए उन्हें गंगाजल और गोबर से शुद्ध होने की सलाह दी।

राष्ट्रीय खेल दिवस पर मेजर ध्यानचंद को याद किया गया, गिरिराज सिंह ने ममता बनर्जी पर साधा निशाना
लाइसेंस प्राप्त विषय चित्र: Sanket Oswal · CC BY-SA 4.0 · Openverse

पूरे देश में 29 अगस्त का दिन राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया गया। यह दिन हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया जाता है। इस विशेष अवसर पर देश के शीर्ष नेतृत्व ने खेल जगत के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उपराष्ट्रपति ने इस मौके पर सभी खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों को बधाई दी। उन्होंने मेजर ध्यानचंद के योगदान को याद करते हुए देश के युवाओं को खेल के प्रति प्रोत्साहित किया। खेल दिवस के कार्यक्रमों में देशभर से उत्साहजनक प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।

खेल जगत की चर्चाओं के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज रही। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने ममता बनर्जी को गंगाजल और गोबर से खुद को शुद्ध करने की सलाह दी।

एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, गिरिराज सिंह का यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए अपनी बात रखी, जो कि खेल दिवस की खबरों के साथ ही सुर्खियों में रही।

राष्ट्रीय खेल दिवस पर जहां एक ओर खेल के प्रति समर्पण और अनुशासन का संदेश दिया गया, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी रहा। खेल और राजनीति की ये खबरें एक साथ सामने आईं।

देशभर में विभिन्न स्थानों पर खेल प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य मेजर ध्यानचंद की विरासत को आगे बढ़ाना और खेल संस्कृति को बढ़ावा देना था।

खेल दिवस के अवसर पर दिग्गजों ने खिलाड़ियों के संघर्ष और उनकी उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं, बल्कि ये देश का मान भी बढ़ाते हैं।

इस प्रकार, 29 अगस्त का दिन खेल के प्रति सम्मान और राजनीतिक सक्रियता के मिश्रण के रूप में दर्ज किया गया।

स्रोत

मूल संदर्भ

01NDTV Indiaमूल रिपोर्ट देखें ↗