राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने सितंबर 2026 के लिए ऑनलाइन अल्पकालिक इंटर्नशिप कार्यक्रम का किया शुभारंभ
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने नई दिल्ली में अपने सितंबर 2026 के दो सप्ताह के ऑनलाइन अल्पकालिक इंटर्नशिप कार्यक्रम की शुरुआत की। इस कार्यक्रम में देशभर के विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमियों के 100 छात्रों का चयन किया गया है। आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति वी. रामसुब्रमण्यन ने छात्रों को मानव अधिकारों के प्रति संवेदनशील और जागरूक बनने के लिए प्रोत्साहित किया।

राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (एनएचआरसी), भारत ने नई दिल्ली स्थित मानव अधिकार भवन में अपने सितंबर 2026 के दो सप्ताह के ऑनलाइन अल्पकालिक इंटर्नशिप कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम के लिए 1,000 से अधिक आवेदकों में से 100 विश्वविद्यालय-स्तरीय छात्रों को शॉर्टलिस्ट किया गया है।
उद्घाटन सत्र के दौरान एनएचआरसी के अध्यक्ष, न्यायमूर्ति वी. रामसुब्रमण्यन ने इंटर्न्स को संबोधित करते हुए उनसे इंटर्नशिप के उद्देश्यों पर गहराई से विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम तभी सफल माना जाएगा जब छात्र समाज को मानव अधिकारों के नजरिए से देखना और समझना शुरू करेंगे।
आयोग के सदस्य न्यायमूर्ति (डॉ.) विद्युत रंजन सारंगी ने इस बात पर जोर दिया कि जीवन के हर पड़ाव पर मानवाधिकार मूल्यों को लागू करने के लिए व्यावहारिक अनुभव अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इंटर्न्स को किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर अनुभव हासिल करने की सलाह दी।
सदस्य विजया भारती सायनी ने छात्रों को प्रोत्साहित किया कि वे कानून की सैद्धांतिक समझ के साथ-साथ ज़मीनी स्तर पर संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि न्याय, समानता और स्वतंत्रता जैसे संवैधानिक मूल्यों को केवल कागजों तक सीमित न रखकर जीवन में अपनाना चाहिए।
महासचिव श्री पीयूष गोयल ने मानव अधिकारों को एक व्यापक और सूक्ष्म क्षेत्र बताते हुए इंटर्न्स से इसके विविध आयामों को समझने का आह्वान किया। उन्होंने छात्रों को मानवीय गरिमा को मजबूत करने की दिशा में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए संयुक्त सचिव श्रीमती साइदिंगपुई छकछुआक ने बताया कि इस दो सप्ताह की अवधि में लगभग 30 व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे। इसमें वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, शिक्षाविद, नागरिक समाज के प्रतिनिधि और विषय विशेषज्ञ शामिल होंगे।
इंटर्नशिप के दौरान छात्रों को पुलिस स्टेशन और तिहाड़ जेल जैसे स्थानों की कार्यप्रणाली को समझने के लिए आभासी दौरों का अवसर भी मिलेगा। यह अनुभव उन्हें जमीनी चुनौतियों और मानवाधिकारों के क्रियान्वयन को करीब से देखने में मदद करेगा।
यह कार्यक्रम छात्रों को एक ऐसा मंच प्रदान करता है जहाँ वे न केवल कानून के बारे में सीखते हैं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी समझते हैं। एनएचआरसी का यह प्रयास युवाओं को भविष्य के जागरूक नागरिक और मानवाधिकार रक्षक के रूप में तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
