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रूस से तेल और गैस की खरीद पर अमेरिकी सांसद ने भारत और चीन को दी चेतावनी

अमेरिकी सांसद रिचर्ड ब्लूमेंथल ने भारत और चीन को रूस से तेल और गैस का आयात बंद करने की सलाह दी है। उन्होंने एक नए बिल का हवाला देते हुए दोनों देशों को चेतावनी दी है कि वे अपनी ऊर्जा आपूर्ति के लिए अन्य स्रोतों की तलाश करें। यह बयान वैश्विक ऊर्जा बाजार और भू-राजनीतिक संबंधों के संदर्भ में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अमेरिकी संसद में रूस से ऊर्जा आयात को लेकर एक सख्त रुख देखने को मिला है। अमेरिकी सांसद रिचर्ड ब्लूमेंथल ने भारत और चीन को रूस से तेल और गैस की खरीद रोकने की नसीहत दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इन देशों को अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए अन्य विकल्पों पर विचार करना चाहिए।

सांसद ब्लूमेंथल ने इस संबंध में एक नए विधायी प्रस्ताव का जिक्र किया है। उनका तर्क है कि रूस से ऊर्जा खरीदना अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और भू-राजनीतिक स्थिति के विपरीत है। उन्होंने भारत और चीन को चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें अपनी नीतियों में सुधार करने की आवश्यकता है।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति को लेकर काफी चर्चा हो रही है। अमेरिका लगातार अपने सहयोगियों और अन्य देशों से रूस पर आर्थिक दबाव बनाने की अपील कर रहा है।

सांसद ने अपने संबोधन में भारत और चीन का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें रूस से दूरी बनानी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन देशों को ऊर्जा के लिए किसी अन्य स्रोत की ओर रुख करना चाहिए ताकि वैश्विक दबाव को प्रभावी बनाया जा सके।

हालांकि, भारत ने पहले ही स्पष्ट किया है कि उसकी ऊर्जा खरीद उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा और आम जनता की जरूरतों पर आधारित है। भारत का रुख रहा है कि वह अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए सबसे किफायती विकल्पों का चयन करने के लिए स्वतंत्र है।

अमेरिकी सांसद की यह टिप्पणी अंतरराष्ट्रीय संबंधों में ऊर्जा कूटनीति के बढ़ते महत्व को दर्शाती है। यह देखना बाकी है कि इस तरह की धमकियों या नसीहतों का भारत और चीन की विदेश नीति पर क्या असर पड़ता है।

फिलहाल, इस मामले पर अमेरिका की ओर से दबाव की राजनीति तेज होती दिख रही है, जबकि भारत और चीन अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखने पर जोर दे रहे हैं।

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