रेलवे की सर्दियों की तैयारी: कोहरे के कारण कई ट्रेनें रद्द और फेरों में की गई कटौती
सर्दियों के मौसम में घने कोहरे की समस्या को देखते हुए रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। दिसंबर से फरवरी के बीच कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है और कुछ ट्रेनों के फेरों में भी कमी की गई है। आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों के दावों के बावजूद कोहरे के कारण परिचालन प्रभावित हो रहा है।

सर्दियों के आगमन के साथ ही रेलवे ने अपनी परिचालन संबंधी तैयारियों में बदलाव करना शुरू कर दिया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर से फरवरी 2026 तक की अवधि के लिए रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, यात्रियों की सुरक्षा और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए कुछ ट्रेनों के फेरों में भी कटौती की गई है।
रेलवे प्रशासन का मानना है कि घने कोहरे के कारण ट्रेनों का संचालन करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। कोहरे के दौरान दृश्यता कम होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, जिसे देखते हुए यह एहतियाती कदम उठाए गए हैं।
हालांकि, रेलवे ने हादसों को रोकने के लिए आधुनिक 'कवच' प्रणाली लागू करने के दावे किए हैं। इसके बावजूद, हर साल सर्दियों में कोहरा रेलवे की सेवाओं के लिए एक बड़ी बाधा साबित होता है।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेनों की स्थिति की जांच अवश्य कर लें। रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट और अन्य माध्यमों से ट्रेनों के रद्द होने या समय में बदलाव की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
यह निर्णय मुख्य रूप से उत्तर भारत के उन क्षेत्रों को ध्यान में रखकर लिया गया है जहां कोहरे का असर सबसे अधिक होता है। रेलवे का प्रयास है कि कोहरे के दौरान ट्रेनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
अधिकारियों का कहना है कि कोहरे के कारण ट्रेनों की गति धीमी हो जाती है, जिससे लंबी दूरी की ट्रेनों का समय बिगड़ जाता है। फेरों में कटौती से परिचालन प्रबंधन में मदद मिलेगी।
रेलवे की ओर से यात्रियों को होने वाली असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया गया है। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ही यह निर्णय लिया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।
आने वाले महीनों में कोहरे की स्थिति के आधार पर रेलवे अपनी सेवाओं में और भी बदलाव कर सकता है। यात्रियों को नियमित रूप से अपडेट रहने का सुझाव दिया गया है।
