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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने के मामले में एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी का हुआ तबादला

उत्तर प्रदेश में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के एक हिस्से के धंसने की घटना के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले के सामने आने के बाद विभाग ने अपने क्षेत्रीय अधिकारी विशाल गौतम को उनके पद से हटा दिया है। सड़क निर्माण में हुई इस चूक के कारण प्रशासन को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद यह प्रशासनिक फेरबदल किया गया है।

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य में सामने आई गंभीर खामियों के चलते भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने सख्त कदम उठाए हैं। हाल ही में एक्सप्रेसवे का एक हिस्सा धंस गया था, जिसके बाद निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए थे। इस घटना के बाद विभाग ने अपने क्षेत्रीय अधिकारी विशाल गौतम को उनके पद से हटा दिया है। अमर उजाला नेटवर्क की रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें इस जिम्मेदारी से मुक्त करते हुए स्थानांतरित कर दिया गया है।

एक्सप्रेसवे के धंसने की खबर सामने आने के बाद से ही एनएचएआई की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे थे। सड़क का धंसना न केवल निर्माण कार्य में लापरवाही की ओर इशारा करता है, बल्कि यह यात्रा करने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा खतरा बन गया था। इस घटना के बाद से ही प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई थी और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की जा रही थी।

विशाल गौतम के तबादले को इसी घटना से जोड़कर देखा जा रहा है। एक्सप्रेसवे के निर्माण में हुई इस चूक ने न केवल परियोजना की समयसीमा को प्रभावित किया है, बल्कि विभाग की छवि को भी नुकसान पहुंचाया है। सड़क धंसने की घटना के बाद से ही स्थानीय स्तर पर काफी किरकिरी हुई थी, जिसके बाद उच्च अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया।

एनएचएआई की ओर से अभी तक इस तबादले के पीछे के विस्तृत कारणों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता में आई कमी के कारण की गई है। इस तरह की बड़ी परियोजनाओं में सड़क का धंसना एक गंभीर तकनीकी चूक माना जाता है।

फिलहाल, इस मामले में आगे की जांच और एक्सप्रेसवे की मरम्मत का काम प्राथमिकता पर रखा गया है। प्रशासन यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे राज्य की एक महत्वपूर्ण परियोजना है, जिससे लाखों लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

इस प्रशासनिक फेरबदल के बाद अब नए अधिकारी की नियुक्ति और सड़क की मरम्मत की गति पर सभी की नजरें टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि एनएचएआई अब निर्माण कार्यों की निगरानी में अधिक सतर्कता बरतेगा ताकि जनता के पैसे का सही उपयोग हो सके और यात्रा सुरक्षित बनी रहे।

स्रोत

मूल संदर्भ

01अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊमूल रिपोर्ट देखें ↗