लखनऊ: चोरी के मामले में दो दरोगाओं की अलग-अलग रिपोर्ट पर कोर्ट ने जताई नाराजगी
लखनऊ के मलिहाबाद थाने में दर्ज चोरी के एक मामले में दो उप-निरीक्षकों द्वारा आरोपी के पते को लेकर विरोधाभासी रिपोर्ट सौंपने पर अदालत ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। एडीजे रविंद्र प्रसाद गुप्ता ने इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
VIMARSHNAARAD TVलखनऊ की एक अदालत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अमर उजाला नेटवर्क की रिपोर्ट के अनुसार, मलिहाबाद थाने में दर्ज चोरी के एक मामले में दो दरोगाओं ने आरोपी के पते के संबंध में अलग-अलग रिपोर्ट पेश की, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।
इस विरोधाभास को देखकर एडीजे रविंद्र प्रसाद गुप्ता ने गहरी नाराजगी जताई। अदालत ने इसे पुलिस की लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैया करार दिया है। न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि इस तरह की विसंगतियां न्याय प्रक्रिया में बाधा डालती हैं।
मामले की सुनवाई के दौरान जब दोनों रिपोर्टों को देखा गया, तो उनमें आरोपी के पते को लेकर स्पष्ट अंतर पाया गया। एक ही मामले में दो अलग-अलग रिपोर्टों का होना पुलिस की जांच प्रक्रिया पर सवालिया निशान लगाता है।
अदालत ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्च अधिकारियों को जांच के आदेश दिए हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिस द्वारा दी गई रिपोर्ट अदालत के लिए महत्वपूर्ण होती है। यदि रिपोर्ट में ही विरोधाभास हो, तो मामले का निपटारा करना कठिन हो जाता है।
अदालत ने यह भी निर्देश दिया है कि भविष्य में ऐसी गलतियों को दोहराया न जाए। पुलिस को अपनी जांच रिपोर्ट तैयार करते समय अधिक सतर्क और जिम्मेदार रहने की आवश्यकता है।
इस घटना ने स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि विभागीय जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और दोषी पुलिसकर्मियों पर क्या कार्रवाई होती है।