लखनऊ में आयोजित हुआ छठा उत्तर प्रदेश स्पाइसेस कॉन्फ्रेंस एंड एक्सपो 2026, कृषि विकास पर चर्चा
लखनऊ के उद्यान भवन में छठे उत्तर प्रदेश स्पाइसेस कॉन्फ्रेंस एंड एक्सपो 2026 का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मसालों के उत्पादन, उनमें मूल्य संवर्धन और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। इसका संचालन सेंटर फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट द्वारा 3EA ग्लोबल के साथ मिलकर किया गया।
VIMARSHNAARAD TVउत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हाल ही में छठे उत्तर प्रदेश स्पाइसेस कॉन्फ्रेंस एंड एक्सपो 2026 का आयोजन संपन्न हुआ। यह भव्य कार्यक्रम शहर के उद्यान भवन में आयोजित किया गया था। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य राज्य में मसालों की खेती को नई दिशा देना और किसानों को सशक्त बनाना था।
इस आयोजन की कमान सेंटर फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट यानी कार्ड ने संभाली थी। इस पहल को सफल बनाने के लिए 3EA ग्लोबल ने भी अपना महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने मसालों के उत्पादन को बढ़ाने के विभिन्न तरीकों पर विस्तार से चर्चा की।
सम्मेलन के दौरान मूल्य संवर्धन यानी वैल्यू एडिशन पर विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसान अपने उत्पादों में मूल्य संवर्धन करें, तो उन्हें बाजार में बेहतर लाभ मिल सकता है। इसके लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाना अनिवार्य बताया गया है।
तकनीक के माध्यम से मसालों की गुणवत्ता में सुधार और उनके प्रसंस्करण को लेकर भी कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। उपस्थित विशेषज्ञों ने इस बात पर सहमति जताई कि उत्तर प्रदेश में मसालों के निर्यात की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
इस एक्सपो में विभिन्न क्षेत्रों से आए कृषि विशेषज्ञों और उद्यमियों ने भाग लिया। उन्होंने अपने अनुभवों को साझा किया और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर विचार-विमर्श किया। यह मंच किसानों और उद्योग जगत के बीच एक सेतु का काम कर रहा है।
अमर उजाला नेटवर्क की रिपोर्ट के अनुसार, इस तरह के आयोजन राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में सहायक सिद्ध होंगे। सम्मेलन में शामिल हुए प्रतिनिधियों ने नई तकनीकों के प्रदर्शन में भी गहरी रुचि दिखाई।
अंत में, आयोजकों ने इस बात पर बल दिया कि आने वाले समय में ऐसी और भी कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इन प्रयासों का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को मसालों के उत्पादन का एक प्रमुख केंद्र बनाना है।