लखनऊ में गोमती नदी की बाढ़ का विकराल रूप, कई इलाके जलमग्न, पीड़ितों ने रोका विधायकों का काफिला
लखनऊ में गोमती नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। कई रिहायशी इलाके पानी में डूब गए हैं, जिससे लोगों की गृहस्थी नष्ट हो गई है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को जिलाधिकारी विशाख जी. और संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। वहीं, आक्रोशित पीड़ितों ने अपनी समस्याओं को लेकर विधायकों का काफिला रोककर विरोध दर्ज कराया।
VIMARSHNAARAD TVलखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का संकट गहरा गया है। गोमती नगर और आसपास के कई निचले इलाके पूरी तरह से पानी में डूबे हुए हैं। बाढ़ के कारण लोगों के घरों में पानी घुस गया है, जिससे उनकी गृहस्थी और जरूरी सामान नष्ट हो गए हैं।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रविवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने मोर्चा संभाला। जिलाधिकारी विशाख जी. और संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया और राहत कार्यों का जायजा लिया।
बाढ़ पीड़ितों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। कई लोगों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है। प्रभावित क्षेत्रों में भोजन और दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन स्थिति अभी भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
इस बीच, बाढ़ से प्रभावित लोगों का गुस्सा भी देखने को मिला। रविवार को जब विधायकों का काफिला वहां से गुजर रहा था, तो पीड़ितों ने उन्हें रोक लिया। लोगों ने अपनी समस्याओं और राहत कार्यों में देरी को लेकर विधायकों के सामने विरोध दर्ज कराया।
प्रशासन का कहना है कि वे स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। प्रभावित लोगों को हर संभव मदद पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। राहत शिविरों की व्यवस्था की जा रही है ताकि बेघर हुए लोगों को आश्रय मिल सके।
गोमती नदी के तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह समय काफी कठिन है। पानी का स्तर कम होने के बाद ही नुकसान का सही आकलन हो पाएगा। फिलहाल, प्रशासन की प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित निकालना और उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
अमर उजाला के अनुसार, स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों में न जाएं और सावधानी बरतें। स्थिति को सामान्य करने के लिए बचाव दल लगातार काम कर रहे हैं और प्रभावितों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया है।