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लखनऊ में धूमधाम से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, मंदिरों से लेकर थानों तक गूंजा भक्ति का उल्लास

राजधानी लखनऊ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। शहर के मंदिरों से लेकर पुलिस थानों तक में कान्हा के जन्मोत्सव की धूम रही। कहीं फूलों से सजे बंगले तो कहीं डिजिटल झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया। राधा-कृष्ण के रूप में सजे बच्चों ने उत्सव में चार चांद लगा दिए, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, शहर के हर कोने में कान्हा के जन्म की खुशी साफ देखी जा सकती थी। मंदिरों में विशेष सजावट की गई थी और भक्तों का तांता लगा रहा।

जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिरों में लड्डू गोपाल को फूलों के बंगलों में विराजमान किया गया। रोशनी और संगीत के बीच जीवंत होती डिजिटल झांकियां आकर्षण का मुख्य केंद्र रहीं। इन झांकियों के माध्यम से भगवान कृष्ण के जीवन के विभिन्न प्रसंगों को दर्शाया गया, जिसे देखकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।

यह उल्लास केवल मंदिरों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि पुलिस थानों में भी जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। पुलिसकर्मियों ने भी भक्ति भाव के साथ कान्हा का जन्मोत्सव मनाया, जो शहर में भाईचारे और आस्था का एक अनूठा उदाहरण बना।

उत्सव के दौरान सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र राधा-कृष्ण बने छोटे बच्चे रहे। उनकी मासूम अदाओं ने उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया। अभिभावकों ने अपने बच्चों को पारंपरिक वेशभूषा में सजाकर इस पर्व में भागीदारी सुनिश्चित की।

पूरे शहर में भजन-कीर्तन और शंख ध्वनि से वातावरण गुंजायमान रहा। देर रात तक मंदिरों में भक्तों की भीड़ जुटी रही और लोग कान्हा के स्वागत में भजन गाते रहे। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच शांतिपूर्ण तरीके से यह पर्व संपन्न हुआ।

लखनऊ के निवासियों ने इस दिन को एक उत्सव के रूप में मनाया, जहां हर कोई कान्हा के रंग में रंगा नजर आया। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक सौहार्द को भी बढ़ावा देने वाला रहा।

स्रोत

मूल संदर्भ

01अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊमूल रिपोर्ट देखें ↗