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लखनऊ: सुशांत गोल्फ सिटी का अधिग्रहण करेगी एलडीए, आवंटियों के लिए रजिस्ट्री का रास्ता हुआ साफ

उत्तर प्रदेश सरकार ने सुशांत गोल्फ सिटी को एलडीए के अधीन करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय के बाद अंसल के आवंटियों को अपने भूखंड और फ्लैट मिलने की उम्मीद जगी है। साथ ही, लंबे समय से रुकी हुई रजिस्ट्री प्रक्रिया भी जल्द शुरू हो सकेगी, जिससे हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है।

लखनऊ में सुशांत गोल्फ सिटी के निवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। योगी आदित्यनाथ सरकार की कैबिनेट ने हाल ही में एक अहम प्रस्ताव को अपनी स्वीकृति दी है, जिसके तहत अब लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) सुशांत गोल्फ सिटी का नियंत्रण अपने हाथों में लेगा। इस कदम का उद्देश्य लंबे समय से लंबित समस्याओं का समाधान करना है।

अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होते ही एलडीए इस क्षेत्र के आवंटियों को उनके भूखंड और फ्लैट सौंपने की दिशा में काम शुरू करेगा। अब तक अंसल के आवंटियों को अपनी संपत्ति के मालिकाना हक के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही थी, लेकिन सरकारी हस्तक्षेप के बाद अब स्थिति में सुधार की उम्मीद है।

इस निर्णय का सबसे बड़ा लाभ रजिस्ट्री प्रक्रिया के रूप में देखने को मिलेगा। एलडीए के अधिकार में आने के बाद, यहां के निवासियों के लिए रजिस्ट्री के दरवाजे खुल जाएंगे। इससे उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जो लंबे समय से अपने घरों की कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने का इंतजार कर रहे थे।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, एलडीए अब इस पूरी आवासीय परियोजना की देखरेख करेगा और बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ अन्य विकास कार्यों को भी गति देगा। सरकार का यह फैसला उन हजारों परिवारों के लिए राहत भरा है जिन्होंने इस परियोजना में निवेश किया था।

कैबिनेट से प्रस्ताव पास होने के बाद अब एलडीए के अधिकारी जल्द ही अधिग्रहण की औपचारिकताओं को पूरा करेंगे। इसके बाद आवंटियों को सूचित किया जाएगा कि वे अपनी रजिस्ट्री और अन्य दस्तावेजों के लिए कब और कैसे आवेदन कर सकते हैं।

यह कदम लखनऊ के रियल एस्टेट क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। एलडीए के सीधे नियंत्रण में आने से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि परियोजना के अधूरे कार्यों को भी समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सकेगा।

स्थानीय निवासियों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। लंबे समय से चल रहे विवादों और अनिश्चितता के दौर के बाद, अब उन्हें अपने सपनों के घर का मालिकाना हक मिलने की स्पष्ट राह दिखाई दे रही है।

स्रोत

मूल संदर्भ

01अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊमूल रिपोर्ट देखें ↗