लखीमपुर खीरी में किसानों का प्रदर्शन: गन्ने का दाम 600 रुपये करने और बकाया भुगतान की मांग
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में किसानों ने जिला गन्ना अधिकारी के दफ्तर के बाहर धरना दिया है। प्रदर्शनकारी किसानों ने गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 600 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की है। इसके साथ ही, उन्होंने चीनी मिलों द्वारा किए जाने वाले बकाया भुगतान पर मिलने वाले ब्याज का स्पष्ट हिसाब-किताब भी प्रशासन से मांगा है। अपनी मांगों को लेकर किसान काफी मुखर नजर आ रहे हैं।
VIMARSHNAARAD TVलखीमपुर खीरी में स्थानीय किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिला गन्ना अधिकारी के कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। संवाद न्यूज एजेंसी के अनुसार, किसान अपनी फसल का उचित मूल्य न मिलने और भुगतान में देरी से परेशान हैं। इस धरने के माध्यम से वे अपनी आवाज प्रशासन तक पहुंचाना चाहते हैं।
प्रदर्शनकारी किसानों की सबसे प्रमुख मांग गन्ने का मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने की है। उनका तर्क है कि खेती की बढ़ती लागत को देखते हुए वर्तमान दरें पर्याप्त नहीं हैं। किसानों का कहना है कि गन्ने की फसल के लिए उन्हें बेहतर आर्थिक लाभ मिलना चाहिए ताकि वे अपनी आजीविका को सुचारू रूप से चला सकें।
मूल्य वृद्धि के अलावा, किसानों ने बकाया भुगतान के मुद्दे पर भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने जिला गन्ना अधिकारी से मांग की है कि चीनी मिलों की ओर से लंबित भुगतान पर जो ब्याज बनता है, उसका पूरा हिसाब उन्हें उपलब्ध कराया जाए। किसानों का आरोप है कि उन्हें समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है, जिससे वे आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं।
इस धरने के दौरान किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की अपेक्षा जताई। वे चाहते हैं कि अधिकारी उनकी समस्याओं को गंभीरता से लें और चीनी मिलों के साथ समन्वय स्थापित कर बकाया भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाएं।
फिलहाल, जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय के बाहर किसानों का जमावड़ा लगा हुआ है। इस विरोध प्रदर्शन के कारण कार्यालय परिसर में गहमागहमी का माहौल है। किसानों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।
स्थानीय प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, किसानों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन पर दबाव बढ़ रहा है। किसान संगठन अपनी मांगों को लेकर पूरी तरह अडिग दिखाई दे रहे हैं।
गन्ना किसानों की यह लड़ाई लंबे समय से चल रही है। लखीमपुर खीरी क्षेत्र में गन्ने की खेती बड़े पैमाने पर होती है, इसलिए यहां के किसानों के लिए यह मुद्दा सीधे तौर पर उनकी अर्थव्यवस्था से जुड़ा है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।