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लखीमपुर खीरी में शारदा नदी का रौद्र रूप, बाढ़ के कारण कई गांव जलमग्न और स्कूल बंद

बनबसा बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद लखीमपुर खीरी में शारदा नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है। जिले के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सड़कों पर पानी भरने और फसलों के डूबने के कारण स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया है।

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से स्थिति गंभीर हो गई है। संवाद न्यूज एजेंसी के अनुसार, बनबसा बैराज से मंगलवार को 1.91 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नदी का जलस्तर तेजी से ऊपर आया है। इस जल निकासी के कारण नदी के आसपास के निचले इलाकों में पानी भर गया है।

बाढ़ के कारण जिले के कई गांव पूरी तरह से घिर गए हैं। स्थानीय निवासियों के लिए आवागमन का साधन बाधित हो गया है क्योंकि मुख्य सड़कों पर पानी का बहाव तेज है। खेतों में खड़ी फसलें भी पानी में डूब गई हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका है।

प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों को बंद कर दिया गया है। अधिकारी लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

नदी के बढ़ते जलस्तर ने स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।

बाढ़ के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लोग अपने घरों में कैद होने को मजबूर हैं और दैनिक जरूरतों के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं। प्रशासन ने प्रभावितों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।

आने वाले दिनों में मौसम और नदी के जलस्तर की स्थिति पर सबकी नजरें टिकी हैं। फिलहाल, प्रशासन ने लोगों से नदी के किनारे न जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। राहत और बचाव कार्य की गति स्थिति की गंभीरता के अनुसार बढ़ाई जा रही है।