लखीमपुर खीरी स्कूल हत्याकांड: सीसीटीवी फुटेज में शिक्षिका को खींचकर ले जाते दिखा आरोपी सऊद
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी स्थित एक निजी स्कूल में शिक्षिका की हत्या के मामले में सीसीटीवी फुटेज से चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। फुटेज में आरोपी सऊद शिक्षिका को खींचकर पहली मंजिल पर ले जाते हुए दिखाई दे रहा है। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने शिक्षिका के सिर में चार गोलियां मारी थीं और इसके बाद उसने खुद को भी गोली मार ली थी।
VIMARSHNAARAD TVलखीमपुर खीरी के चिल्ड्रेंस एकेडमी स्कूल में हुई शिक्षिका की हत्या के मामले में अब सीसीटीवी फुटेज ने घटना की भयावहता को उजागर कर दिया है। संवाद न्यूज एजेंसी के अनुसार, इस फुटेज में आरोपी सऊद को शिक्षिका को जबरन खींचते हुए पहली मंजिल की ओर ले जाते देखा जा सकता है। यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
जांच एजेंसियों को मिली फुटेज से पता चला है कि आरोपी ने बेहद क्रूरता के साथ इस वारदात को अंजाम दिया। खबरों के मुताबिक, सऊद ने शिक्षिका के सिर में चार गोलियां दागीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने स्कूल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शिक्षिका की हत्या के बाद आरोपी ने खुद को भी गोली मार ली। पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि घटना के पीछे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। सीसीटीवी फुटेज को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कर लिया गया है और फॉरेंसिक टीम भी अपनी रिपोर्ट तैयार कर रही है।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारी मामले की निगरानी कर रहे हैं। स्कूल प्रबंधन की भूमिका और सुरक्षा प्रोटोकॉल की भी समीक्षा की जा रही है। इस दुखद घटना के बाद से क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश और शोक का माहौल व्याप्त है।
पुलिस ने बताया कि घटना के समय स्कूल में मौजूद अन्य लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। फुटेज में दिख रही गतिविधियों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है ताकि जांच प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।
इस मामले में अब तक सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस का कहना है कि वे हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रहे हैं। घटना के बाद से ही स्कूल को बंद कर दिया गया है और पुलिस बल तैनात किया गया है।
आने वाले दिनों में पुलिस इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट पेश करेगी। फिलहाल, सीसीटीवी फुटेज इस जघन्य अपराध की कड़ी को जोड़ने में सबसे महत्वपूर्ण सबूत साबित हो रहा है।