लाल सागर में हूती विद्रोहियों का दावा, बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के पास एक महत्वपूर्ण द्वीप पर जमाया कब्जा
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में स्थित एक रणनीतिक द्वीप पर नियंत्रण करने की घोषणा की है। यह टापू बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के मध्य में स्थित है। हूती गुट ने इसे अपनी बड़ी सैन्य उपलब्धि करार दिया है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन यह क्षेत्र समुद्री व्यापार के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है।
VIMARSHNAARAD TVलाल सागर के सुरक्षा समीकरणों में एक नया मोड़ सामने आया है। ईरान के समर्थन से सक्रिय हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने लाल सागर के एक अत्यंत महत्वपूर्ण द्वीप पर अपना अधिकार जमा लिया है। यह द्वीप बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के बीचों-बीच स्थित है, जो अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए एक प्रमुख मार्ग है।
बीबीसी हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, हूती गुट ने इस घटना को अपनी एक बड़ी सैन्य सफलता के रूप में पेश किया है। उनका कहना है कि इस रणनीतिक स्थान पर कब्जा करने से उनकी स्थिति और अधिक मजबूत हुई है।
यह क्षेत्र वैश्विक व्यापारिक जहाजों की आवाजाही के लिए बेहद अहम माना जाता है। बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के पास किसी भी प्रकार की सैन्य गतिविधि का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ सकता है।
हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए इस दावे के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। हालांकि, अभी तक इस घटना की किसी अन्य स्वतंत्र स्रोत से पुष्टि नहीं हो पाई है।
हूती गुट लंबे समय से यमन के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय है और लाल सागर में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश करता रहा है। इस नवीनतम घटनाक्रम को उनके बढ़ते प्रभाव के रूप में देखा जा रहा है।
फिलहाल, अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संबंधित सुरक्षा एजेंसियां इस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। इस द्वीप का नियंत्रण हूतियों के पास जाने से समुद्री सुरक्षा के लिए नई चुनौतियां उत्पन्न हो सकती हैं।
आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वैश्विक शक्तियां इस दावे पर क्या प्रतिक्रिया देती हैं और क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही पर इसका क्या असर पड़ता है।