लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने म्यांमार में शांति और स्थिरता के लिए भारत का समर्थन दोहराया
लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने म्यांमार के संसदीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। उन्होंने म्यांमार में शांति और राष्ट्रीय सुलह की दिशा में हो रही प्रगति का स्वागत करते हुए भारत के निरंतर सहयोग का आश्वासन दिया।
लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने म्यांमार के संसदीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि भारत पड़ोसी देश में शांति और स्थिरता का समर्थक है। उन्होंने म्यांमार में राष्ट्रीय सुलह की दिशा में हो रहे प्रयासों की सराहना की और विश्वास दिलाया कि भारत इस यात्रा में एक भरोसेमंद साझेदार बना रहेगा। यह प्रतिनिधिमंडल प्राइड (PRIDE) द्वारा आयोजित क्षमता निर्माण कार्यक्रम के लिए भारत आया है।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व म्यांमार संसद की इंटरनेशनल रिलेशन्स समिति के चेयरपर्सन डॉ. पिंट सान कर रहे हैं। श्री बिरला ने दोनों देशों के बीच प्राचीन और गहरे संबंधों का उल्लेख किया, जो साझा सभ्यतागत विरासत और बौद्ध धर्म से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि म्यांमार भारत की एक्ट ईस्ट, नेबरहुड फर्स्ट और इंडो-पैसिफिक नीतियों में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
लोक सभा अध्यक्ष ने बताया कि भारत और म्यांमार के बीच राजनीति, सुरक्षा, रक्षा, व्यापार और कनेक्टिविटी जैसे व्यापक क्षेत्रों में रणनीतिक सहयोग है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत हमेशा जरूरत के समय म्यांमार के साथ खड़ा रहा है और मानवीय सहायता प्रदान करने वाले अग्रणी देशों में शामिल है।
दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच नियमित उच्च-स्तरीय संवाद ने द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती दी है। श्री बिरला ने कहा कि भारत म्यांमार के साथ संसदीय कामकाज, नियमों और लोकतांत्रिक परंपराओं से जुड़े अपने अनुभव साझा करने के लिए पूरी तरह तैयार है, ताकि वहां समावेशी लोकतांत्रिक संस्थाओं को सुदृढ़ किया जा सके।
म्यांमार में हाल ही में हुए चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच तीन चरणों में संपन्न हुए ये चुनाव काफी महत्वपूर्ण थे। पहली बार आनुपातिक प्रतिनिधित्व और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों का उपयोग म्यांमार की चुनावी प्रक्रिया में एक बड़ा पड़ाव है।
अंत में, श्री बिरला ने उम्मीद जताई कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच सार्थक विचार-विमर्श को बढ़ावा देगी और संसदीय सहयोग को और अधिक गहरा करेगी।
