ताज़ा अपडेटवन्यजीव तस्करी के खिलाफ चलाए गए अभियान में डीआरआई ने असम में 86 जीवित टोके गेको जब्त किए; दो लोग गिरफ्तार
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वन्यजीव तस्करी के खिलाफ चलाए गए अभियान में डीआरआई ने असम में 86 जीवित टोके गेको जब्त किए; दो लोग गिरफ्तार

वित्‍त मंत्रालय वन्यजीव तस्करी के खिलाफ चलाए गए अभियान में डीआरआई ने असम में 86 जीवित टोके गेको जब्त किए; दो लोग गिरफ्तार प्रविष्टि तिथि: 23 SEP 2026 8:13PM by PIB Delhi अवैध वन्यजीव व्यापार सौदे के संबंध में मिली खास खुफिया जानकारी के आधार पर, डीआरआई अधिकारियों ने 22 सितंबर 2026 को असम के मारियानी स्थित बंदर चालिया गांव ग्राउंड में दो लोगों को रोका। इस अभियान के द

वन्यजीव तस्करी के खिलाफ चलाए गए अभियान में डीआरआई ने असम में 86 जीवित टोके गेको जब्त किए; दो लोग गिरफ्तार
आधिकारिक स्रोत का चित्र: Press Information Bureau, Government of India · PIB reusable material · Press Information Bureau

वित्‍त मंत्रालय

वन्यजीव तस्करी के खिलाफ चलाए गए अभियान में डीआरआई ने असम में 86 जीवित टोके गेको जब्त किए; दो लोग गिरफ्तार

प्रविष्टि तिथि: 23 SEP 2026 8:13PM by PIB Delhi

अवैध वन्यजीव व्यापार सौदे के संबंध में मिली खास खुफिया जानकारी के आधार पर, डीआरआई अधिकारियों ने 22 सितंबर 2026 को असम के मारियानी स्थित बंदर चालिया गांव ग्राउंड में दो लोगों को रोका।

इस अभियान के दौरान, उनके कब्जे से लुप्तप्राय वन्यजीव प्रजाति के 86 जीवित टोके गेको बरामद किए गए और वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के प्रावधानों के अंतर्गत जब्त किए गए। टोके गेको वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची I और सीआईटीईएस के अनुलग्नक-II के अंतर्गत सूचीबद्ध है, जो इसके अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को नियंत्रित करता है। पकड़े गए दोनों लोगों को बरामद जीवित गेको के साथ असम के मारियानी रेंज वन कार्यालय को वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत आगे की कार्रवाई के लिए सौंप दिया गया। यह अभियान वन्यजीव प्रजातियों की अवैध तस्करी का पता लगाने और उसे बाधित करने के लिए डीआरआई के निरंतर प्रयासों को उजागर करता है, जिसमें वे प्रजातियां भी शामिल हैं जिन्हें उनके कथित औषधीय गुणों और अवैध बाजारों में विदेशी पालतू जानवरों के रूप में मांग के कारण लक्षित किया जाता है। ***

पीके/केसी/आरटी/एमएम

(रिलीज़ आईडी: 2314166)

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यह जानकारी Press Information Bureau की आधिकारिक विज्ञप्ति पर आधारित है। मूल दस्तावेज़ और पूरा संदर्भ नीचे दिए गए स्रोत लिंक पर पढ़ा जा सकता है।

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