ताज़ा अपडेटवाराणसी में मानसून की विदाई में होगी देरी, 12 अक्तूबर तक छाए रहेंगे बादल
Vimarsh Naarad TV logoस्वतंत्र डिजिटल न्यूज़Vimarsh–Naarad TVखबर • विमर्श • जनता की आवाज़
डिजिटल संस्करणYouTube
समाचार श्रेणियां

वाराणसी में मानसून की विदाई में होगी देरी, 12 अक्तूबर तक छाए रहेंगे बादल

वाराणसी में मानसून की वापसी में इस बार सात दिनों का विलंब होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, 12 अक्तूबर तक आसमान साफ होने की उम्मीद है। सोमवार को शहर में 25 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई और 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। सुबह की बारिश के बाद उमस ने लोगों को काफी परेशान किया है।

वाराणसी में मानसून का मिजाज इस बार कुछ अलग नजर आ रहा है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, मानसून की विदाई में सात दिनों की देरी होने का अनुमान है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि 12 अक्तूबर तक बादलों का डेरा बना रहेगा और उसके बाद ही मौसम पूरी तरह साफ हो पाएगा।

शहर में मानसून का आगमन भी देरी से हुआ था। इस साल एक जुलाई को मानसून ने सात दिन की देरी के साथ काशी में दस्तक दी थी। अब इसकी विदाई भी निर्धारित समय से पीछे चल रही है, जिससे स्थानीय लोगों को और कुछ दिनों तक मानसून के प्रभाव का सामना करना पड़ेगा।

सोमवार का दिन बारिश और उमस भरा रहा। शहर में कुल 25 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इस दौरान हवाओं की गति 20 किलोमीटर प्रति घंटा रही, जिससे मौसम में थोड़ी हलचल बनी रही। हालांकि, सुबह के समय हुई आधे घंटे की तेज बारिश के बाद उमस का स्तर काफी बढ़ गया।

उमस बढ़ने के कारण लोगों को दिन भर भारी बेचैनी का अनुभव हुआ। बारिश के बाद निकली धूप ने वातावरण में नमी को और बढ़ा दिया, जिससे जनजीवन प्रभावित रहा। मौसम विभाग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, आने वाले दिनों में भी बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है।

काशी के निवासियों को अब 12 अक्तूबर तक का इंतजार करना होगा। इस तिथि के बाद ही मानसून के पूरी तरह से विदा होने और मौसम के सामान्य होने की संभावना जताई गई है। तब तक लोगों को उमस और रुक-रुक कर होने वाली बारिश के लिए तैयार रहना होगा।

मौसम में हो रहे इस बदलाव को लेकर स्थानीय प्रशासन और मौसम केंद्र लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। मानसून की इस देरी का असर कृषि और दैनिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। फिलहाल, शहर में मानसून की विदाई की प्रक्रिया धीमी गति से आगे बढ़ रही है।

स्रोत

मूल संदर्भ

01अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।मूल रिपोर्ट देखें ↗