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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने विशेष अभियान 6 की तैयारियों और स्वच्छता लक्ष्यों की समीक्षा की

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) ने 'विशेष अभियान 6' के कार्यान्वयन चरण की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान स्वच्छता, ई-कचरा प्रबंधन, लंबित मामलों के निपटारे और कार्यालयी दक्षता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। विभाग ने अपने सभी स्वायत्त संस्थानों और क्षेत्रीय संगठनों को निर्देश दिया है कि वे इस अभियान को परिणामोन्मुखी बनाएं और पर्यावरण के अनुकूल निपटान पद्धतियों का पालन सुनिश्चित करें।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने विशेष अभियान 6 की तैयारियों और स्वच्छता लक्ष्यों की समीक्षा की
आधिकारिक स्रोत का चित्र: Press Information Bureau, Government of India · PIB reusable material · Press Information Bureau

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) ने 'विशेष अभियान 6' के तैयारी चरण के सफल समापन के बाद अब इसके कार्यान्वयन की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। 30 सितंबर 2026 को पूरी हुई तैयारियों के बाद, विभाग ने 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले मुख्य चरण के लिए एक संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक की अध्यक्षता डीएसटी की संयुक्त सचिव (प्रशासन) ने की, जो इस अभियान के लिए नोडल अधिकारी भी हैं।

बैठक में डीएसटी मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ भारतीय सर्वेक्षण विभाग, एनएटीएमओ, प्रौद्योगिकी नवाचार हब और विभिन्न प्रयोगशालाओं के प्रतिनिधियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हिस्सा लिया। नोडल अधिकारी ने सभी संगठनों द्वारा की गई प्रारंभिक तैयारियों की सराहना की और अभियान के दौरान निरंतर गति बनाए रखने का आह्वान किया।

अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल नियमित स्वच्छता तक सीमित न रहकर कार्यस्थल की दक्षता और संसाधन प्रबंधन में व्यवस्थित सुधार लाना है। संगठनों को सलाह दी गई है कि वे अप्रचलित फाइलों और सामग्रियों को व्यवस्थित रूप से हटाएं, कार्यालयी स्थान का अधिकतम उपयोग करें और लंबित प्रशासनिक मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करें।

ई-कचरे का प्रबंधन इस बार की एक प्रमुख प्राथमिकता है। सभी संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 के तहत केवल अधिकृत पुनर्चक्रणकर्ताओं के माध्यम से ही कचरे का निपटान करें। इसका उद्देश्य पर्यावरण की दृष्टि से सुरक्षित निपटान पद्धतियों को बढ़ावा देना और कार्यस्थलों को स्वच्छ बनाना है।

इसके अतिरिक्त, जनसंपर्क पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया है। संगठनों को अपनी वेबसाइटों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से अभियान की गतिविधियों और सर्वोत्तम कार्य-पद्धतियों को प्रदर्शित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है, ताकि इसका प्रभाव व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता में योगदान दे सके।

बैठक का समापन एक सामूहिक प्रतिबद्धता के साथ हुआ, जिसमें स्वच्छता, अभिलेख प्रबंधन और सुशासन को संस्थागत रूप देने पर जोर दिया गया। डीएसटी का लक्ष्य इन समन्वित प्रयासों के माध्यम से प्रशासनिक दक्षता को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।

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